भागलपुर में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर, कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल 31 दिसंबर तक बंद

जिला प्रशासन का बड़ा फैसला, स्कूल समय में किया गया बदलाव

भागलपुर जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के संचालन को लेकर अहम निर्णय लिया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में अस्थायी बदलाव किया गया है। यह आदेश 24 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा।

कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई पूरी तरह स्थगित

जिला प्रशासन के आदेश के तहत कक्षा 1 से 8 तक की सभी कक्षाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। इसके साथ ही इस आदेश के दायरे में प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और सभी प्रकार के कोचिंग संस्थान भी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सुबह और शाम के समय अत्यधिक ठंड, कम तापमान और घना कोहरा छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

कक्षा 9 से ऊपर के लिए बदला स्कूल समय

वहीं कक्षा 9 से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, बल्कि उनके संचालन समय में बदलाव किया गया है। इन कक्षाओं की पढ़ाई अब सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही संचालित की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाएं रहेंगी जारी

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा और प्री-बोर्ड परीक्षा से संबंधित विशेष कक्षाएं एवं परीक्षाएं इस आदेश से मुक्त रहेंगी। ऐसे मामलों में पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं और कक्षाएं संचालित की जा सकेंगी।

आदेश के पालन के लिए सभी विभागों को निर्देश

इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिला प्रशासन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान, आईसीडीएस, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन और जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि सभी विद्यालयों, छात्रों और अभिभावकों तक समय रहते सूचना पहुंच सके।

मौसम की स्थिति पर लगातार नजर

जिला प्रशासन ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार फिलहाल जिले में शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर आदेश में आगे भी संशोधन किया जा सकता है।

  • Related Posts

    80 बरस के ‘शेर’ की शौर्यगाथा! पटना के प्रेमचंद रंगशाला में गूँजा “अधूरा सपना”; जब वीर कुँवर सिंह ने काट दी अपनी भुजा, रो पड़ा पूरा हॉल

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    पटना की हाईटेक लैब में हो रही ‘शक्ति’ की परीक्षा! 100 प्रोजेक्ट्स पास, अब धांधली पर लगेगी लगाम; जानें कैसे बन रहे बिहार के सरकारी भवन

    Share Add as a preferred…

    Continue reading