थावे दुर्गा मंदिर चोरी कांड का खुलासा, यूपी का शातिर चोर गिरफ्तार

एलएलबी का छात्र निकला आरोपी, फिल्म देखकर सीखा चोरी का तरीका

गोपालगंज जिले से इस वक्त एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। जिले के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर चोरी कांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शातिर चोर दीपक राय को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी एलएलबी का छात्र है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इटवा पुल के पास से हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दीपक राय, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के बेटावर कला, थाना जमुनिया का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी इटवा पुल के समीप से की गई। इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए गोपालगंज के एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि मंदिर चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीपीओ प्रांजल के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।

तकनीकी जांच और छापेमारी के बाद पकड़ा गया आरोपी

एसपी ने बताया कि SIT टीम ने लगातार तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच की और कई जगहों पर छापेमारी के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

चोरी में इस्तेमाल सामान बरामद

गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल किया गया कटर, मोबाइल फोन, जैकेट, कपड़े और जूते जैसे अहम सामान बरामद किए हैं। हालांकि, मां थावे भवानी का मुकुट और हार अभी पूरी तरह बरामद नहीं हो सका है। पुलिस ने बताया कि इन आभूषणों की बरामदगी को लेकर लगातार छापेमारी जारी है।

पहले की थी मंदिर की रेकी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने चोरी से पहले 10 दिसंबर को थावे दुर्गा मंदिर की रेकी की थी। उसने मंदिर परिसर, सीसीटीवी कैमरों और पुलिस गश्ती की गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन किया ताकि किसी की नजर में आए बिना वारदात को अंजाम दे सके।

बलिया से कटर खरीदा, बाइक से पहुंचा थावे

पुलिस के अनुसार आरोपी ने बलिया से कटर खरीदा और 17 दिसंबर को बाइक से गाजीपुर से थावे पहुंचा। चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद वह सिवान के रास्ते फरार हो गया था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने पुलिस से बचने के लिए पहले पूरी योजना बनाई थी।

फिल्म देखकर सीखा चोरी का तरीका

पूछताछ में आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसने चोरी करने का तरीका फिल्म ‘खाकी’ देखकर सीखा था और उसी तर्ज पर मंदिर के बाहर रेकी कर वारदात को अंजाम दिया।

अपराध का लंबा इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दीपक राय कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ

  • बनारस में बाइक चोरी के 3 मामले,
  • मऊ और इलाहाबाद में मंदिर चोरी के मामले दर्ज हैं।

यह उसकी पांचवीं बड़ी चोरी बताई जा रही है।

जेल से रिहा होकर फिर बना अपराधी

पुलिस ने बताया कि आरोपी को 8 मार्च को पहले भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और वह 13 नवंबर को जेल से रिहा हुआ था। रिहाई के कुछ ही दिनों बाद उसने 17–18 दिसंबर की रात थावे दुर्गा मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दे दिया।

आभूषण बरामदगी के लिए छापेमारी जारी

फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी किए गए आभूषण कहां छिपाए गए हैं और क्या इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह शामिल है।

एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि SIT टीम द्वारा उत्तर प्रदेश में कई संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही मां थावे भवानी का मुकुट और हार बरामद कर लिए जाने की पूरी संभावना है।

पुलिस की बड़ी सफलता

आस्था के बड़े केंद्र थावे दुर्गा मंदिर में हुई चोरी का खुलासा पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। हालांकि, भक्तों की भावनाओं से जुड़े आभूषणों की बरामदगी अब भी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

  • Related Posts

    सहरसा में कलयुगी बेटों का खूनी खेल: जेल में बंद बेटे ने दी पिता की 4 लाख की सुपारी; शूटर और बड़ा भाई गिरफ्तार, हथियार बरामद

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    लक्ष्मीपुर में ‘अपहरण’ का द एन्ड: बंगाल के व्यवसायी को स्कॉर्पियो से ले जा रहे थे अपराधी; पुलिस ने दबोचा, बेहोश करने वाली गोलियां मिलीं

    Share Add as a preferred…

    Continue reading