सीवान में शराबी पति की खौफनाक हैवानियत: शराब के लिए पैसे न देने पर गर्भवती पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला, आरोपी पति गिरफ्तार

बड़हरिया/सीवान, 22 मई 2026। बिहार के सीवान जिले के बड़हरिया थाना प्रक्षेत्र से पूर्ण शराबबंदी के दावों के बीच एक बेहद अमानवीय, वीभत्स और रूह कांपने वाली घरेलू हिंसा की वारदात सामने आई है। एक नशे में धुत सनकी पति ने शराब पीने की अपनी अवांछित लत को पूरा करने के वास्ते अपनी ही गर्भवती पत्नी की लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य और खौफनाक हत्याकांड के विन्यास पटल पर आते ही संपूर्ण बड़हरिया प्रखंड और खासकर लौवान गांव के प्रक्षेप में भारी रोष, सनसनी और गहरा सांगठनिक हड़कंप मच गया है।

​शराब के खूनी लालच के चक्रव्यूह में फंसकर एक बेगुनाह महिला और उसके गर्भ में पल रहे मासूम शिशु की सांसें सदा के लिए म्यूट हो गईं। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय बड़हरिया थाना पुलिस तुरंत एक्शन मोड में लाइव हुई और त्वरित विधिक कार्रवाई मुकम्मल करते हुए मुख्य हत्यारे पति को अंचल से बाहर भागने से पूर्व ही कड़ाई से गिरफ्तार कर अपनी सुरक्षा कस्टडी में ले लिया है।

बकरी की बिक्री से मिले रुपयों पर था शराबी पति का खूनी डोरा, घर के भीतर शुरू हुआ विवाद

​इस मर्मान्तिक और बर्बर घटनाक्रम की आंतरिक कड़ियों और धरातलीय साक्ष्यों के अनुसार, मृतका की पहचान बड़हरिया थाना क्षेत्र के लौवान गांव निवासी मो. यासीन की 35 वर्षीया पुत्री इशरत जहां के रूप में मुकम्मत की गई है। इशरत जहां का विवाह सुंदरपुर टोला के निवासी मो. शहाबुद्दीन उर्फ कल्लू के साथ विधिक रीति-रिवाजों के समन्वय से संपन्न हुआ था। शहाबुद्दीन उर्फ कल्लू कतिपय गलत संगतों के प्रभाव में आकर अत्यधिक नशा करने और अवैध रूप से शराब का उपभोग करने के जानलेवा चक्रव्यूह में आकंठ संधारित हो चुका था। वह आए दिन घर के भीतर अपनी पत्नी के साथ मारपीट और आर्थिक शोषण की प्रविष्टियों को लाइव रखता था।

​बुधवार की रात को शहाबुद्दीन बुरी तरह नशे में धुत होकर अपने आवासीय परिसर सुंदरपुर टोला पहुंचा। घर के भीतर कदम रखते ही उसने इशरत जहां पर दबाव बनाना शुरू किया कि वह हालिया दिनों में घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए बेची गई बकरी के रुपयों को उसके हवाले कर दे। दरअसल, इशरत ने अपनी कतिपय पारिवारिक जिम्मेदारियों और बच्चों के पालन-पोषण के वास्ते एक बकरी बेची थी, जिसके पैसे उसने अपने पास सुरक्षित संधारित रखे थे।

​शहाबुद्दीन उन रुपयों को छीनकर दोबारा शराब के अवैध ठेकों पर उड़ाना चाहता था। जब गर्भवती इशरत जहां ने अपने आने वाले बच्चे और घर के राशन का हवाला देते हुए उन रुपयों को सौंपने से पूरी कड़ाई से इनकार कर दिया, तो शहाबुद्दीन के भीतर छिपे हैवान का ग्राफ अचानक चरम पर पहुंच गया। उसने बिना किसी मानवीय संवेग के अपनी ही गर्भवती पत्नी को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

मायके भागकर भी नहीं बची जान, कूटनीतिक झांसा देकर रास्ते में उतारा मौत के घाट

​पति के इस प्रखर और अमानवीय शारीरिक प्रहार से खुद को और अपने गर्भ में पल रहे शिशु को सुरक्षित (ब्लॉक) करने के उद्देश्य से इशरत जहां किसी तरह उसके चंगुल से मुक्त हुई। वह रात के अंधेरे में ही अपने दोनों अबोध बच्चों को साथ लेकर दौड़ती हुई सुंदरपुर टोला से भागकर अपने पैतृक मायके लौवान गांव आ गई। मायके की दहलीज पर पहुंचकर उसने अपने सहोदर भाइयों और माता-पिता को पति की इस खौफनाक प्रताड़ना की पूरी विरणी रोते हुए सुनाई।

​परंतु, शराबी पति के सिर पर प्रतिशोध का भूत इस कदर सवार था कि वह अपनी इस आपराधिक पटकथा को म्यूट करने के मूड में कतई नहीं था। इशरत के मायके पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद आरोपी शहाबुद्दीन उर्फ कल्लू भी कूटनीतिक रूप से अपनी चालें चलते हुए ससुराल लौवान गांव जा धमका। वहां उसने शुरुआत में कतिपय सामान्य होने का ढोंग रचा और मायके पक्ष के सदस्यों को झांसा दिया कि वह अपनी गलती पर शर्मिंदा है।

​इसके बाद उसने सामाजिक दबाव का सहारा लेते हुए इशरत जहां और अपने दोनों बच्चों को वापस सुंदरपुर टोला स्थित अपने घर ले जाने की विधिक जिद शुरू कर दी। परिजनों ने तात्कालिक शांति के दृष्टिकोण से दोनों को विदा कर दिया। परंतु, जैसे ही शहाबुद्दीन अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर लौवान गांव से बाहर निकला और मुख्य सड़क के एक सुनसान और अंधेरे वाले हॉट-स्पॉट पर प्रविष्ट हुआ, उसने अपनी असली हिंसक औकात लाइव कर दी। उसने रास्ते के बीच ही इशरत को बाल पकड़कर सड़क पर गिरा दिया और उसके गर्भवती होने के संवेदनशील मानक को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए उसके पेट और छाती पर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से अंदरूनी तौर पर लहूलुहान हो गई।

सीवान सदर अस्पताल में इलाज के दौरान टूटी सांसें, बच्चों के चीखने से हुआ खुलासा

​इस नृशंस सड़क हमले के दौरान जब साथ चल रहे दोनों अबोध बच्चों ने अपनी मां को तड़पते देखा, तो उनकी चीख-पुकार से अंचल का सन्नाटा टूट गया। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर राहगीर और दूरभाष के माध्यम से सूचना पाकर इशरत के मायके वाले भारी सांगठनिक बल के साथ तुरंत घटना स्थल पर मुस्तैद हुए। परिजनों को मुहाने पर आते देख हत्यारा पति शहाबुद्दीन मौके से भागने का कड़ा प्रयास करने लगा, परंतु स्थानीय ग्रामीणों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।

​मायके पक्ष के सदस्यों ने अत्यंत नाजुक और अचेत अवस्थिति में जमीन पर तड़प रही घायल इशरत जहां को तुरंत रेस्क्यू किया और इलाज के लिए बड़हरिया के एक स्थानीय निजी क्लिनिक में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक चिकित्सा कप्तानों ने महिला की गंभीर आंतरिक चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव की अवस्थिति को देखते हुए उसे बेहतर लाइफ-सपोर्ट प्रणालियों के वास्ते तत्काल सीवान सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

​परिजनों ने एम्बुलेंस के माध्यम से इशरत को सीवान सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में प्रविष्ट कराया, जहां डॉक्टरों के विशेष मेडिकल बोर्ड ने उसे बचाने के कड़े और प्रखर प्रयास लाइव किए। परंतु, अंदरूनी अंगों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने और गर्भस्थ शिशु की पेट के भीतर ही मौत हो जाने के कारण, उपचार के संक्षिप्त अंतराल के उपरांत ही इशरत जहां के शरीर ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे विधिक रूप से मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद अस्पताल परिसर के भीतर चीख-पुकार और करुण कोहराम मच गया।

मृतका की मामी के फर्दबयान पर प्राथमिकी दर्ज, थानेदार छोटन कुमार ने मुकम्मल की गिरफ्तारी

​इस जघन्य और सनसनीखेज पारिवारिक हत्याकांड को लेकर बड़हरिया थाना पुलिस ने त्वरित दंडात्मक चक्रव्यूह सक्रिय कर दिया है। सीवान सदर अस्पताल से प्राप्त विधिक मेमो के आधार पर पुलिस के जासूसी दस्तों ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका विधिक पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम प्रक्रम के लिए प्रेषित कर दिया। इस मामले में मृतका की मामी ने बड़हरिया थाने के प्रशासनिक पटल पर उपस्थित होकर मुख्य आरोपी पति मो. शहाबुद्दीन उर्फ कल्लू के खिलाफ हत्या, दहेज प्रताड़ना और भ्रूण हत्या की कड़क व गैर-जमानती धाराओं के तहत एक लिखित विलेख संचिका सौंपी। मामी की इसी लिखित शिकायत को मुख्य आधार बनाते हुए पुलिस ने विधिक प्राथमिकी (एफआईआर) पंजीकृत कर ली है।

​बड़हरिया के थानेदार छोटन कुमार ने मामले के अद्यतन स्टेटस और पुलिसिया दबिश के विन्यासों पर आधिकारिक प्रकाश डालते हुए बताया कि घटना की इनपुट मिलते ही पुलिस बल पूरी क्षमता के साथ अलर्ट मोड पर आ गया था। थानेदार छोटन कुमार ने प्रामाणिक रूप से पुष्टि की कि मुख्य नामजद आरोपी पति शहाबुद्दीन उर्फ कल्लू को पुलिस प्रवर्तन टीम ने त्वरित घेराबंदी करते हुए विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।

​पकड़े गए कातिल पति को एक गुप्त सुरक्षा सेल के भीतर रखकर कड़ाई से पूछताछ मुकम्मल की जा रही है, ताकि अंचल में अवैध रूप से संचालित होने वाले शराबी नेटवर्क और सप्लायर्स के मोबाइल लोकेशंस का भी सुराग लगाया जा सके, जो शराबबंदी वाले राज्य में नशे की रसद हस्तगत करा रहे थे। केस डायरी के विन्यासों को अदालत के समक्ष अभेद्य बनाने के लिए कनिष्ठ जासूस चश्मदीद बच्चों के विधिक बयान भी दर्ज करा रहे हैं, ताकि स्पीडी ट्रायल के माध्यम से आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा से एकीकृत कराया जा सके।

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