
जहानाबाद, 22 मई 2026। जहानाबाद जिले में अपराधियों के सिंडिकेट और संगठित अपराध के खिलाफ जिला पुलिस प्रशासन का कड़ा दंडात्मक अभियान निरंतर लाइव मोड पर संधारित देखा जा रहा है। इसी कड़क नीति के विन्यास में जहानाबाद पुलिस के जासूसी दस्तों ने चातर गांव के निवासी दीपक कुमार हत्याकांड की खूनी गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को एक अभेद्य पुलिस मुठभेड़ के उपरांत विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।
घोसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धुरियारी गांव के समीप अवस्थित नहर के मुहाने पर घटित हुए इस ‘हाफ एनकाउंटर’ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर भागने का कूटनीतिक प्रयास किया था। परंतु, पुलिस के जांबाज जवानों ने आत्मरक्षार्थ प्रखर जवाबी कार्रवाई मुकम्मल की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। गोलीबारी के इस हिंसक प्रक्रम के उपरांत घायल आरोपी को कड़े पहरे के बीच इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया है। इस सनसनीखेज पुलिसिया प्रहार के बाद से संपूर्ण प्रक्षेत्र के भीतर अपराधियों के हौसले पूरी तरह पस्त संधारित हैं और सुरक्षा ग्रिड को अलर्ट मोड पर लॉक कर दिया गया है।
दो दिन पूर्व हुए दीपक हत्याकांड से फैली थी सनसनी, जासूसी विंग ने किया था आरोपी को चिन्हित
इस पूरे सनसनीखेज आपराधिक प्रक्रम की पृष्ठभूमि मचलते दो दिन पूर्व से संरेखित है, जब जहानाबाद के पलासी-घोसी कॉरिडोर से सटे चातर गांव के निवासी दीपक कुमार की अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस जघन्य हत्याकांड के लाइव होते ही संपूर्ण ग्रामीण अंचलों और व्यावसायिक प्रक्षेपों के भीतर गंभीर जनाक्रोश, भयंकर सनसनी और प्रशासनिक सुरक्षा को लेकर भारी अवसाद का माहौल संधारित हो गया था। पीड़ित परिजनों के करुण विलाप और स्थानीय नागरिकों के कड़े आक्रोश को देखते हुए जहानाबाद के पुलिस कप्तान अपराजित लोहान ने तुरंत विशेष जासूसी विंग और तकनीकी सेल को सक्रिय मोड पर लाइन-अप किया था।
पुलिस की विशेष खोजी टीमों ने घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के डिजिटल टाइम-स्टैम्प फुटेज और मानवीय गुप्तचरों से प्राप्त कतिपय कड़ियों की सूक्ष्म स्क्रूटनी मुकम्मल की। इस गहन फॉरेंसिक और तकनीकी अनुसंधान के विन्यास में यह प्रामाणिक सत्य पटल पर आया कि इस खूनी पटकथा का मुख्य सूत्रधार और कोई नहीं, बल्कि नगर थाना क्षेत्र के राजा बाजार मोहल्ले का निवासी बिक्कू सिंह उर्फ रावण है। आरोपी का प्रक्षेत्र के भीतर एक पुराना आपराधिक इतिहास संधारित रहा है, जिसके बाद पुलिस कप्तानों ने उसकी धरपकड़ के लिए जिले के सभी निकास द्वारों पर जाल बिछा दिया था।
इंटेलिजेंस इनपुट पर दबोचा गया शातिर अपराधी, पूछताछ कक्ष में उगला हथियार छुपाने का राज
आरोपी बिक्कू सिंह उर्फ रावण कानून के शिकंजे और संभावित मुठभेड़ के भय से लगातार अपने छिपने के ठिकानों और मोबाइल सिम कार्डों के विन्यास को डाइवर्ट कर रहा था, जिससे जासूसी दस्तों को उसकी भौतिक अवस्थिति ट्रेस करने में आंशिक कठिनाई हो रही थी। इसी बीच, जहानाबाद जिला पुलिस के जासूसी दस्ते को एक प्रामाणिक मानवीय स्रोत से यह पुख्ता इंटेलिजेंस इनपुट हस्तगत हुआ कि आरोपी किसी अन्य बड़ी वारदात को अंजाम देने या जिले की भौगोलिक सीमा से बाहर भागने के कूटनीतिक इरादे से एक गुप्त हॉट-स्पॉट पर संधारित है। इस सूचना के लाइव होते ही पुलिस बल की एक विशेष आक्रामक टीम ने त्वरित नाकेबंदी कर बिक्कू सिंह उर्फ रावण को पूरी कड़ाई से धर-दबोचा।
विधिक गिरफ्तारी मुकम्मल होने के उपरांत जब आरोपी को थाने के विशेष पूछताछ कक्ष के भीतर प्रविष्ट कराया गया और कनिष्ठ जासूसों ने कूटनीतिक व मनोवैज्ञानिक ढंग से कड़े सवालों की बौछार की, तो उसका पुरुषवादी अहंकार पूरी तरह से ब्लॉक हो गया। उसने दीपक कुमार की हत्या में अपनी सीधी संलिप्तता स्वीकार करते हुए पुलिस डायरी में यह बड़ा विलेख दर्ज कराया कि वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध आग्नेयास्त्र उसने घोसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धुरियारी गांव के समीप बहने वाली एक नहर के किनारे सघन झाड़ियों के मलबे में छुपाकर लॉक रखा है।
धुरियारी नहर के मुहाने पर अचानक बदला विन्यास: अपराधी की फायरिंग से क्षतिग्रस्त हुआ पुलिस वाहन
आरोपी बिक्कू सिंह उर्फ रावण द्वारा दिए गए स्वीकारोक्ति बयान के भौतिक सत्यापन और हत्या के मुख्य साक्ष्य की विधिक बरामदगी के वास्ते घोसी थाने की पुलिस टीम एक कड़े सुरक्षा प्रबंध के साथ हरकत में आई। पुलिस बल के जवान और सशस्त्र कमांडो आरोपी को सरकारी वाहन में बैठाकर धुरियारी गांव के समीप चिन्हित नहर प्रक्षेप पर लेकर पहुंचे। रात का अंधकार होने और अंचल में सन्नाटा संधारित होने के कारण पुलिस टीम पूरी कड़ाई के साथ कदम बढ़ा रही थी।
जैसे ही पुलिस के जवान बिक्कू सिंह को लेकर झाड़ियों के समीप पहुंचे और उसे छुपाए गए हथियार को बाहर निकालने का विनिर्देश संधारित किया, वैसे ही पूरी पटकथा अचानक एक हिंसक विन्यास में डाइवर्ट हो गई। बिक्कू सिंह उर्फ रावण ने झाड़ियों के मलबे से पिस्तौल निकालते ही अत्यधिक प्रखर गति से पैंतरा बदला और वहां मौजूद पुलिस पार्टी को निशाना बनाते हुए सीधे तौर पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। अपराधी द्वारा दाग दी गई एक गोली घोसी थाना पुलिस की मुख्य गाड़ी के अग्रिम प्रक्षेप में जा धंसी, जिससे वाहन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इस अचानक हुए कायरतापूर्ण हमले के दौरान पुलिस के जांबाज जवानों ने अदम्य सांगठनिक साहस का परिचय देते हुए खुद को तुरंत पोजीशन गन विन्यास में लॉक किया। गनीमत यह रही कि इस गोलाबारी में पुलिस टीम का कोई भी कनिष्ठ सिपाही या अधिकारी शारीरिक रूप से हताहत नहीं हुआ।
आत्मरक्षार्थ पुलिस की प्रखर जवाबी गोलाबारी, पैर में गोली लगने से धराशायी हुआ आरोपी
बदमाश बिक्कू सिंह उर्फ रावण द्वारा कानून को चुनौती देते हुए निरंतर की जा रही फायरिंग को ऑन-स्पॉट ब्लॉक करने और अपनी शारीरिक संप्रभुता की रक्षा करने के उद्देश्य से पुलिस टीम ने त्वरित कप्तानी निर्णय लिया। पुलिस के जवानों ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित तरीके से प्रखर जवाबी फायरिंग लाइव कर दी। पुलिस की तरफ से निर्गत हुई एक कड़क गोली सीधे तौर पर भागने का प्रयास कर रहे अपराधी बिक्कू सिंह के दाहिने पैर के हिस्से को भेदती हुई पार हो गई। गोली लगते ही उसकी चीख-पुकार से नहर का सन्नाटा टूट गया और वह अपने हाथ से हथियार छोड़कर वहीं जमीन पर धराशायी होकर तड़पने लगा।
पुलिस के जवानों ने बिना एक पल गंवाए उसे अपनी अभेद्य विधिक कस्टडी में लिया और मौके से वारदात में प्रयुक्त की गई मुख्य अवैध पिस्तौल सहित कतिपय खोखे फॉरेंसिक साक्ष्य के रूप में जब्त कर सीलबंद संचिका में रख लिए। खून से लथपथ अवस्थिति में पड़े जख्मी अपराधी को त्वरित प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था हस्तगत कराने के वास्ते तुरंत जहानाबाद सदर अस्पताल के आपातकालीन विंग में डाइवर्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम कड़े पुलिस पहरे के बीच उसका चिकित्सीय उपचार लाइव संधारित कर रही है।
जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान का आधिकारिक विधिक बयान:
”दीपक कुमार हत्याकांड के मुख्य आरोपी बिक्कू सिंह उर्फ रावण को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर विधिक रूप से दबोचा था। साक्ष्य और हथियार बरामदगी के प्रक्रम के दौरान उसने धुरियारी नहर के पास घोसी थाना पुलिस की गाड़ी पर जानलेवा नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने पूरी कड़ाई और बहादुरी के साथ आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई मुकम्मल की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है। घटना स्थल से हत्या में प्रयुक्त मुख्य हथियार को विधिक रूप से रिकवर कर लिया गया है। पुलिस महकमा अपराधियों के मनोबल को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए प्रतिबद्ध है और मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी को विधिक अदालत से कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की अग्रिम कानूनी कार्रवाई ससमय मुकम्मल की जा रही है।”
इस ऐतिहासिक ‘हाफ एनकाउंटर’ के बाद से घोसी, चातर और राजा बाजार प्रक्षेपों के भीतर जिला पुलिस प्रशासन ने एहतियातन फ्लैग मार्च लाइव किया है और संवेदनशील हॉट-स्पॉट्स पर अतिरिक्त सशस्त्र बलों की मुस्तैदी संधारित कर दी है। पुलिस की जासूसी विंग बिक्कू सिंह के कनिष्ठ सहयोगियों और इस सिंडिकेट को कारतूस सप्लायर करने वाले कतिपय गुप्त चेहरों के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) की गहन तकनीकी स्क्रूटनी मुकम्मल कर रही है, ताकि इस हत्याकांड की अग्रिम चार्जशीट को विधिक रूप से अभेद्य संधारित किया जा सके।


