
नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी विवाद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा जांच अधिकारी और डीएसपी को पत्र लिखकर विपक्षी नेताओं को जांच में बुलाने और उनके आरोपों का आधार पूछने की मांग के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने VHP पर निशाना साधते हुए कहा कि यह मामला “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” जैसा है।
VHP पर कांग्रेस का हमला
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जिस VHP पर पहले भी निर्मोही अखाड़ा की ओर से राम मंदिर फंड में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए जा चुके हैं, वही अब उन विपक्षी नेताओं से जवाब मांग रही है जिन्होंने इस मामले पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि यह मांग न केवल बेतुकी है, बल्कि नैतिक रूप से भी उचित नहीं है।
कांग्रेस ने उठाए ये सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी है, तो सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि—
- राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की प्रक्रिया के तहत हुआ।
- ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे हैं।
- ट्रस्ट का संचालन निर्धारित संस्थागत व्यवस्था के तहत हो रहा है।
- केंद्र और उत्तर प्रदेश, दोनों जगह भाजपा की सरकार है।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में विपक्षी नेताओं को इस मामले से जोड़ने का क्या औचित्य है?
“स्वतंत्र जांच हो”
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान चंदे को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं और अब सामने आए नए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र और न्यायिक निगरानी में जांच कराई जाए। उनके अनुसार, केवल जांच एजेंसी के स्तर पर होने वाली कार्रवाई से लोगों के मन में उठ रहे सवालों का समाधान नहीं होगा।
VHP ने क्या कहा?
विश्व हिंदू परिषद ने अपने पत्र में जांच अधिकारियों से आग्रह किया है कि जिन विपक्षी नेताओं ने राम मंदिर चंदे में कथित चोरी या अनियमितता के आरोप लगाए हैं, उन्हें जांच के दौरान बुलाकर उनके आरोपों के आधार और उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी ली जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
फिलहाल इस विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और सभी की नजर जांच की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।


