
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत के लिए उर्वरक और कच्चा माल लेकर आने वाले 15 जहाज़ सुरक्षित रूप से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इन जहाज़ों के भारत पहुंचने से देश में खाद का भंडार और मजबूत होगा तथा खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इन 15 जहाज़ों में 8 जहाज़ों से 3.32 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) यूरिया, 4 जहाज़ों से 2.57 एलएमटी डीएपी और 3 जहाज़ों से 1.11 एलएमटी सल्फर भारत पहुंच रहा है।
इसके अलावा 5 और जहाज़ भारत के लिए रवाना होने वाले हैं। इनमें एक जहाज़ में 0.25 एलएमटी अमोनिया, एक में 0.45 एलएमटी यूरिया लदा है, जबकि दो अन्य जहाज़ों में यूरिया और एक जहाज़ में सल्फर की लोडिंग जारी है।
किसानों पर नहीं पड़ेगा संकट का असर
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि उर्वरक विभाग राज्य सरकारों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर किसानों पर न पड़े।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक बाजार में उर्वरकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन केंद्र सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें समय पर और किफायती दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
28 देशों से की गई उर्वरकों की व्यवस्था
भारत ने यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ओमान, मलेशिया, वियतनाम, जॉर्जिया, नाइजीरिया, रूस, फिनलैंड, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्की और नीदरलैंड समेत कई देशों से आयात की व्यवस्था की है।
वहीं डीएपी और एनपीके उर्वरकों की आपूर्ति रूस, मोरक्को, मिस्र, अमेरिका, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया और सऊदी अरब सहित कई देशों से रेड सी समुद्री मार्ग के जरिए सुनिश्चित की गई। इस पूरी प्रक्रिया में विदेशों में स्थित 28 भारतीय मिशनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गैस आपूर्ति सामान्य होने से बढ़ा उत्पादन
पश्चिम एशिया संकट के दौरान उर्वरक संयंत्रों के लिए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता घटकर लगभग 65 प्रतिशत रह गई थी। अब गैस आपूर्ति दोबारा 100 प्रतिशत होने के बाद घरेलू उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पहली तिमाही में यूरिया उत्पादन
| माह | लक्ष्य (एलएमटी) | वास्तविक उत्पादन (एलएमटी) |
|---|---|---|
| अप्रैल | 20.34 | 20.98 |
| मई | 22.55 | 25.19 |
| जून | 24.96 | 25.37 |
| कुल (पहली तिमाही) | 67.86 | 71.55 |
देश में उपलब्ध उर्वरक भंडार
| उर्वरक | उपलब्ध भंडार (एलएमटी) |
|---|---|
| यूरिया | 69.08 |
| डीएपी | 16.64 |
| एमओपी | 8.90 |
| एनपीके | 45.64 |
| एसएसपी | 23.09 |
| कुल | 163.35 |
कृषि विभाग ने वर्षभर के लिए 383.9 एलएमटी उर्वरकों की आवश्यकता का अनुमान लगाया है। इसके मुकाबले वर्तमान में 197.56 एलएमटी का भंडारण उपलब्ध है, जो कुल अनुमानित आवश्यकता का 51 प्रतिशत से अधिक है। सरकार का कहना है कि मौजूदा भंडार और लगातार हो रही आपूर्ति के कारण किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।


