
नई दिल्ली: राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जवाबदेही तय करने की मांग की।
केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
पवन खेड़ा ने कहा कि यदि ऐसी स्थिति किसी अन्य सरकार के कार्यकाल में होती, तो संबंधित लोगों से सार्वजनिक रूप से दूरी बनाई जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इस मामले में अलग रुख अपना रही है।
श्रद्धालुओं की भावनाओं का मुद्दा
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं है, बल्कि उन करोड़ों श्रद्धालुओं का भी मामला है जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए आस्था के साथ योगदान दिया। उनके अनुसार, यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आए हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल
पवन खेड़ा ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ट्रस्ट में महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय लिए गए हैं, तो उनकी प्रक्रिया और जवाबदेही स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर पारदर्शिता आवश्यक है।
नियुक्तियों और भूमि खरीद पर भी उठाए प्रश्न
कांग्रेस नेता ने ट्रस्ट से जुड़ी कुछ नियुक्तियों और भूमि खरीद से संबंधित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विषयों पर भी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कुछ भूमि खरीद से जुड़े फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं और इनकी जांच होनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग
पवन खेड़ा ने कहा कि राम मंदिर परियोजना करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी है, इसलिए इससे संबंधित सभी आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तथ्यों के सामने आने से ही श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत रहेगा।
फिलहाल, कांग्रेस ने अपने आरोपों के समर्थन में जांच की मांग की है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया और किसी भी संभावित जांच के निष्कर्ष आने बाकी हैं।


