
नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और देश के प्रमुख दलित नेताओं में शामिल रामविलास पासवान की आज जयंती है। भारतीय राजनीति में उन्हें अक्सर “मौसम वैज्ञानिक” कहा जाता था, क्योंकि वे राजनीतिक परिस्थितियों का सटीक आकलन करने के लिए जाने जाते थे। हालांकि, उनके राजनीतिक जीवन जितनी ही चर्चित उनकी प्रेम कहानी भी रही।
पहली नजर का प्यार
यह कहानी वर्ष 1977 की है, जब आपातकाल के बाद हुए आम चुनाव में रामविलास पासवान ने हाजीपुर लोकसभा सीट से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर पहली बार संसद पहुंचे। इसी दौरान उनके सरकारी आवास पर वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी गुरुबचन सिंह अपनी बेटी रीना के साथ उनसे मिलने पहुंचे।
रीना एयर होस्टेस बनना चाहती थीं और परिवार को उम्मीद थी कि सांसद की सिफारिश से उन्हें मदद मिल सकती है। मुलाकात का समय शाम छह बजे तय था, लेकिन रामविलास पासवान रात आठ बजे पहुंचे। जैसे ही उनकी नजर रीना पर पड़ी, वे उनसे प्रभावित हो गए। उस समय रीना उनसे करीब 12 वर्ष छोटी थीं।
मुलाकातों ने बढ़ाई नजदीकियां
पहली मुलाकात के बाद दोनों परिवारों के बीच आना-जाना बढ़ा और धीरे-धीरे रामविलास पासवान तथा रीना की बातचीत भी नियमित होने लगी।
इसी दौरान रीना ने देखा कि पासवान को सिगरेट, पान और चाय की आदत थी। एक दिन उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “क्या आप शादी से पहले सिगरेट और पान नहीं छोड़ सकते?”
रामविलास पासवान ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, “क्यों नहीं, अभी छोड़ देता हूं।”
कहा जाता है कि उस दिन के बाद उन्होंने सिगरेट और पान को दोबारा हाथ तक नहीं लगाया। इतना ही नहीं, उन्होंने चाय पीना भी छोड़ दिया।
संसद तक पहुंची प्रेम कहानी
रामविलास पासवान और रीना का रिश्ता उस दौर में संसद के गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया था। पूर्व लोकसभा महासचिव सुभाष कश्यप ने अपनी पुस्तक “Parliament Wit and Humour” में इसका उल्लेख किया है।
बताया जाता है कि एक संसदीय सत्र के दौरान उनका नाम दो अलग-अलग सूचियों में सबसे ऊपर था। इस पर सांसदों ने हल्के-फुल्के अंदाज में मजाक भी किया। लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ सहित कई सांसदों ने इस पर मुस्कुराते हुए टिप्पणियां कीं, लेकिन रामविलास पासवान ने हमेशा इसे सहजता से लिया।
राजनीति और निजी जीवन दोनों में अलग पहचान
रामविलास पासवान ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई सरकारों में मंत्री के रूप में काम किया और राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, उनका निजी जीवन इस बात का उदाहरण माना जाता है कि प्रेम और विश्वास किसी व्यक्ति की आदतों और जीवनशैली में भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।


