
पटना: बिहार सरकार ने राज्य में कैंसर की रोकथाम, समुचित चिकित्सा और प्रभावी प्रबंधन को लेकर ‘बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसाइटी’ के गठन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस ऐतिहासिक निर्णय को स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इसे बिहार की स्वास्थ्य सेवा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह निर्णय राज्य में लगातार बढ़ते कैंसर मामलों, स्क्रीनिंग के माध्यम से चिन्हित मरीजों की संख्या, और समय पर उपचार की आवश्यकता को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार के लोग साधारण बीमारियों के इलाज के लिए भी राज्य से बाहर जाते थे, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।
समर्पित संस्था, समर्पित सेवाएं
मंगल पांडेय ने कहा कि ‘बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसाइटी’ एक स्वतंत्र और शीर्ष संस्थान के रूप में कार्य करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य होगा:
- कैंसर की रोकथाम के लिए प्रभावी जनजागरूकता अभियान
- मरीजों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज
- चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण एवं अनुसंधान
उन्होंने कहा कि इस संस्था के माध्यम से राज्य में कैंसर उपचार की गुणवत्ता, पहुंच और प्रभावशीलता में अभूतपूर्व सुधार होगा। साथ ही यह पहल राज्य के भीतर ही समर्पित सेवाएं सुलभ कराने की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगी।
नीति और नेतृत्व की सफलता
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य की स्वास्थ्य नीति में आई स्थिरता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में बिहार इस क्षेत्र में रोल मॉडल बनकर उभरेगा।


