
पटना: बिहार की राजधानी पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का राजनीतिक मुकाबला अब और रोचक हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। अब इस सीट पर भाजपा के अभिषेक कुमार का मुकाबला जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता से होगा।
केंद्रीय चुनाव समिति ने दी मंजूरी
बीजेपी मुख्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। समिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित पार्टी के शीर्ष नेता शामिल थे।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर पहले ही इस सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं।
युवा चेहरे और जातीय समीकरण पर भरोसा
अभिषेक कुमार, जिन्हें ‘बंटी’ के नाम से भी जाना जाता है, वर्तमान में BJYM के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। भाजपा ने उनकी उम्मीदवारी के जरिए युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय सामाजिक समीकरणों पर भी दांव लगाया है।
अभिषेक कुमार और पूर्व विधायक नितिन नवीन दोनों कायस्थ समुदाय से आते हैं। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कायस्थ मतदाताओं की अच्छी संख्या मानी जाती है, जिसे भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से खाली हुई सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अप्रैल 2026 में राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद खाली हुई थी। विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है।
नितिन नवीन लगातार पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और बांकीपुर लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है।
त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत
बांकीपुर उपचुनाव में मुख्य मुकाबला तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच माना जा रहा है—
- बीजेपी: अभिषेक कुमार
- जन सुराज: प्रशांत किशोर
- आरजेडी: रेखा गुप्ता
इसके अलावा जनशक्ति जनता दल ने सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को भी चुनाव मैदान में उतारा है, जिससे मुकाबला और बहुकोणीय होता दिखाई दे रहा है।
अब सभी की निगाहें चुनाव प्रचार, स्थानीय समीकरणों और मतदाताओं के रुझान पर टिकी हैं, क्योंकि बांकीपुर उपचुनाव को बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


