
दरभंगा: बिहार के दरभंगा एयरपोर्ट पर सोमवार को एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। मुंबई से दरभंगा पहुंची स्पाइसजेट की फ्लाइट SG115 की लैंडिंग के दौरान विमान का एक टायर अचानक फट गया। विमान में करीब 150 यात्री सवार थे। पायलट की सूझबूझ और त्वरित नियंत्रण के कारण सभी यात्रियों की सुरक्षित जान बच गई।
लैंडिंग के समय फटा टायर, यात्रियों में मची अफरा-तफरी
जैसे ही विमान रनवे पर उतरा, उसका टायर फट गया और पहिया कुछ दूरी तक रनवे पर घिसटता रहा। अचानक हुए तेज झटकों से विमान के भीतर बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पायलट ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित रोक लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ।
सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
विमान रुकते ही एयरपोर्ट प्रशासन, ग्राउंड स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया। सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से बाहर निकाला गया। इसके बाद विमान को मुख्य रनवे से हटाकर एप्रन पर खड़ा किया गया, जहां स्पाइसजेट के इंजीनियरों ने तकनीकी जांच शुरू की।
उड़ानों पर पड़ा असर
इस घटना का असर दरभंगा एयरपोर्ट के हवाई परिचालन पर भी पड़ा। क्षतिग्रस्त विमान के एप्रन पर खड़े रहने के कारण जगह की कमी हो गई, जिसके चलते दिल्ली से दरभंगा आ रही इंडिगो की एक उड़ान को पटना एयरपोर्ट डायवर्ट करना पड़ा। बाद में स्थिति सामान्य होने पर विमान को दरभंगा लाया गया।
अकासा एयर की फ्लाइट में भी आई तकनीकी खराबी
सोमवार को दरभंगा एयरपोर्ट पर एक और तकनीकी समस्या सामने आई। मुंबई से आई अकासा एयर की एक फ्लाइट में भी खराबी आने के कारण उसे उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई। दोनों विमानों के तकनीकी निरीक्षण और मरम्मत के चलते कई उड़ानों का शेड्यूल प्रभावित हुआ।
जांच के बाद ही मिलेगी उड़ान की अनुमति
दरभंगा एयरपोर्ट के निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि स्पाइसजेट के विशेषज्ञ इंजीनियर विमान की विस्तृत जांच और मरम्मत कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विमान सभी सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता और आवश्यक तकनीकी स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक उसे दोबारा उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पूरी तकनीकी रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।


