
किशनगंज: बिहार के किशनगंज जिले से बेटियों के सम्मान और समानता का संदेश देने वाली एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। ठाकुरगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या-11 स्थित पेट्रोल पंप चौक निवासी साकिब राजा ने अपनी नवजात बेटी के जन्म की खुशी कुछ ऐसे अंदाज में मनाई कि पूरा शहर उनकी सराहना कर रहा है।
बेटी के जन्म के बाद साकिब राजा ने नई चारपहिया गाड़ी खरीदी और उस पर बड़े-बड़े अक्षरों में “बेटी हुई है” लिखवाकर पूरे ठाकुरगंज नगर क्षेत्र में घूमकर अपनी खुशी का इजहार किया। उनकी यह पहल अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है।
बेटी के लिए लिया था खास संकल्प
साकिब राजा ने बताया कि उन्होंने वर्षों पहले यह संकल्प लिया था कि जब तक उनके घर बेटी का जन्म नहीं होगा, तब तक वह चारपहिया वाहन नहीं खरीदेंगे।
उनके परिवार में पहले से एक पांच वर्षीय बेटा है, लेकिन वह हमेशा बेटी के आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही उनके घर बेटी ने जन्म लिया, उन्होंने अपना संकल्प पूरा करते हुए नई कार खरीदी और उसे बेटी के स्वागत का प्रतीक बना दिया।
‘बेटी हुई है’ लिखी कार बनी आकर्षण का केंद्र
नई कार पर लगाए गए बैनर को देखकर शुरुआत में लोग हैरान रह गए। जब उन्हें पता चला कि यह बेटी के जन्म का जश्न मनाने का अनोखा तरीका है, तो हर कोई साकिब राजा की सोच की सराहना करने लगा।
कई लोगों ने गाड़ी रोककर उन्हें बधाई दी, जबकि राहगीरों ने इस खास पल की तस्वीरें और वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद किए।
सोशल मीडिया पर भी मिली खूब सराहना
देखते ही देखते यह अनोखी पहल सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। लोगों ने साकिब राजा और उनके परिवार को शुभकामनाएं देते हुए इसे बेटियों के सम्मान की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया।
‘बेटियां परिवार की शान होती हैं’
साकिब राजा का कहना है कि बेटियां किसी भी परिवार की शान और सम्मान होती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार बेटी के जन्म को इसी तरह खुशी और गर्व के साथ मनाए, तो समाज से बेटा-बेटी के बीच भेदभाव की मानसिकता काफी हद तक खत्म हो सकती है।
घर में उत्सव जैसा माहौल
नवजात बेटी के आगमन से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। दादा-दादी, नाना-नानी सहित सभी रिश्तेदार लगातार बधाई देने पहुंच रहे हैं। घर आने वाले मेहमानों का मिठाई खिलाकर स्वागत किया जा रहा है।
परिवार का कहना है कि बेटी के आने से घर की खुशियां कई गुना बढ़ गई हैं।
समाज के लिए बना प्रेरणा का संदेश
जहां आमतौर पर बच्चे के जन्म पर मिठाई बांटी जाती है या छोटे स्तर पर जश्न मनाया जाता है, वहीं बेटी के स्वागत में नई कार खरीदकर पूरे शहर में घुमाने की यह पहल लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे प्रयास समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सकारात्मक सोच को मजबूत करेंगे और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे संदेशों को वास्तविक रूप में आगे बढ़ाएंगे।


