
भागलपुर। बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के अंत में आयोजित किए जाने वाले पंचायत विकास दिवस के तहत भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत गनगनिया पंचायत में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। गनगनिया पंचायत के रंगमंच कार्यशाला परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत की मुखिया रजनी देवी ने की। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासनिक कर्मियों, जीविका समूह की महिलाओं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली।
पंचायत विकास दिवस का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की समीक्षा करना, जनभागीदारी सुनिश्चित करना तथा ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि गांवों के समग्र विकास के लिए पंचायतों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ ही प्रधानमंत्री के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” का सामूहिक प्रसारण किया गया, जिसे पंचायत के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसके बाद ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं, विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। ग्राम सभा में ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने और सुझाव देने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों में मुखिया रजनी देवी, वार्ड प्रतिनिधि रविश यादव, पंचायत सेवक अनिल कुमार सिंह, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामनेपाल मंडल, सरपंच विजय कुमार दास, उपमुखिया मो. शिबरत, भाजपा नेता कुमार मंगलम, कार्यपालक सहायक अमरदीप कुमार, वार्ड सदस्य धनंजय कुमार, समाजसेवी रबिश यादव तथा नोडल पदाधिकारी सुजित सिन्हा शामिल रहे। सभी ने पंचायत विकास में सामूहिक सहयोग और जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।
मुखिया रजनी देवी ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत विकास दिवस ग्रामीण विकास को नई गति देने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि पंचायत हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की सबसे मजबूत इकाई है, जहां से विकास की वास्तविक शुरुआत होती है। यदि पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो जाए, तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना पंचायत प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पंचायत प्रशासन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे पंचायत की बैठकों और ग्राम सभाओं में बढ़-चढ़कर भाग लें ताकि विकास योजनाएं लोगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बन सकें।
कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार और भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों और पंचायत कर्मियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभ के बारे में समझाया। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धा पेंशन, विकलांग पेंशन, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के अंतर्गत महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित महिलाओं और जीविका समूह की दीदियों को बताया गया कि स्वरोजगार और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। अधिकारियों ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक न्याय का विषय नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला भी है।
जीविका दीदियों को बताया गया कि छोटे-छोटे उद्यमों, बचत समूहों और सामूहिक व्यवसाय के माध्यम से महिलाएं अपनी आय बढ़ा सकती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं। कार्यक्रम में महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़े अवसरों और सरकारी सहायता योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य और शिक्षा को ग्रामीण विकास की रीढ़ बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित समाज ही समृद्ध पंचायत का निर्माण कर सकता है। बच्चों की शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने की अपील की गई। पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया और पेड़-पौधे लगाने, जल संरक्षण तथा स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और पंचायत स्तर की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। कई ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं, सड़क, जलापूर्ति और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। पंचायत प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा।
मुखिया प्रतिनिधि रामजी मंडल, हरिचंद्र मंडल, ओमप्रकाश पासवान, सरिता देवी, प्रियंका देवी, माधुरी देवी और सीमा देवी सहित दर्जनों जीविका दीदियां तथा पंचायत कर्मी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि पंचायत विकास दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जनसहभागिता का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि ग्रामीण विकास केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासन और आम जनता के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। जब लोग स्वयं विकास प्रक्रिया में भागीदार बनते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज तक पहुंच पाता है।
गनगनिया पंचायत में आयोजित पंचायत विकास दिवस ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विकास योजनाओं को लेकर विश्वास भी मजबूत किया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण बना कि यदि पंचायत स्तर पर नियमित संवाद, योजना समीक्षा और जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए तो गांवों का विकास अधिक तेज और प्रभावी ढंग से संभव है। आने वाले समय में ऐसे आयोजन पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


