
भागलपुर। जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मदपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। कथित रूप से हुए जानलेवा हमले में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें पिता की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जगदीशपुर थाना में आवेदन देकर 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार के सदस्यों के अनुसार यह विवाद अचानक नहीं हुआ, बल्कि जमीन को लेकर कई वर्षों से दोनों पक्षों के बीच तनातनी चली आ रही थी। लंबे समय से चल रहे इसी विवाद ने आखिरकार हिंसक रूप ले लिया और मामला जानलेवा हमले तक पहुंच गया।
घायल मनोज पासवान के परिजनों ने बताया कि परिवार का जमीन विवाद उनके रिश्तेदारों के साथ काफी समय से चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते मनोज पासवान के चाचा ने अपने रिश्तेदारों और अन्य लोगों को बुलाकर सुनियोजित तरीके से हमला कराया। परिवार का दावा है कि आरोपी पहले से हमले की तैयारी कर पहुंचे थे और उनका उद्देश्य गंभीर नुकसान पहुंचाना था।
परिजनों के अनुसार घटना के दिन आरोपी चारपहिया वाहन से मोहम्मदपुर गांव पहुंचे। आरोप है कि वाहन से उतरते ही सभी लोगों ने मनोज पासवान और उनके पुत्र को घेर लिया। इसके बाद लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से दोनों पर ताबड़तोड़ हमला किया गया। अचानक हुए हमले से दोनों संभल भी नहीं सके और गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
हमले के दौरान आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, जिसके बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पीड़ित परिवार के दूसरे पुत्र ने बताया कि घटना के तुरंत बाद वे न्याय की उम्मीद लेकर जगदीशपुर थाना पहुंचे। उनका कहना है कि पुलिस ने पहले घायलों का इलाज कराने की सलाह दी और चिकित्सकीय उपचार को प्राथमिकता देने को कहा। इसके बाद इलाज कराने के उपरांत परिवार ने थाने में लिखित आवेदन देकर पूरी घटना की जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
थाना में दिए गए आवेदन में 11 लोगों को नामजद किया गया है। परिवार का आरोप है कि सभी आरोपी हमले में सीधे तौर पर शामिल थे और उन्होंने पूर्व नियोजित तरीके से हमला किया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि समय रहते स्थानीय लोग मौके पर नहीं पहुंचते, तो घटना और भी गंभीर हो सकती थी।
वर्तमान में घायल मनोज पासवान का इलाज भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, मायागंज में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है। उनके पुत्र का भी इलाज जारी है, हालांकि उसकी स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है।
घटना के बाद पूरे परिवार में भय और दहशत का माहौल है। परिजनों का कहना है कि हमले के बाद से परिवार मानसिक रूप से बेहद परेशान है। उन्हें आशंका है कि यदि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो भविष्य में फिर कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस से सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार ने कहा कि उन्हें निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय चाहिए। उनका कहना है कि यदि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा।
मामले में अब तक एक आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
जगदीशपुर पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हमला पूरी तरह पूर्व नियोजित था या विवाद अचानक हिंसा में बदल गया। घटनास्थल से मिले तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पीड़ित परिवार के आरोपों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अब तक जो आरोप सामने आए हैं, वे मुख्य रूप से पीड़ित पक्ष के बयान पर आधारित हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि जमीन विवाद किस तरह गंभीर सामाजिक तनाव और हिंसा का कारण बन सकता है। छोटी शुरुआत वाला पारिवारिक विवाद कई बार ऐसी घटनाओं में बदल जाता है, जिसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस कार्रवाई और घायलों की स्वास्थ्य स्थिति पर बनी हुई है। गांव के लोग भी उम्मीद कर रहे हैं कि मामले में जल्द न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।


