भागलपुर में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत, डीएम अलंकृता पांडे ने बच्चों को पिलाई पोलियो की दवा

भागलपुर। बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर और आजीवन विकलांगता देने वाली बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से भागलपुर जिले में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत रविवार को सदर अस्पताल से की गई। अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं कई छोटे बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया और जिलेवासियों से इस राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने की अपील की।

अभियान के शुभारंभ अवसर पर सदर अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अभिभावकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि पोलियो उन्मूलन की दिशा में देश ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए निरंतर सतर्कता और जनसहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलानी चाहिए ताकि कोई भी बच्चा इस बीमारी के खतरे से वंचित न रह जाए।

जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा कि पोलियो एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो बच्चों के शरीर को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है। यह बीमारी बच्चों को जीवनभर के लिए विकलांग बना सकती है। हालांकि समय पर दी गई पोलियो की खुराक इस बीमारी से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि सरकार लगातार पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से हर बच्चे तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए अभिभावकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि माता-पिता जागरूक रहेंगे और अपने बच्चों को समय पर टीकाकरण कराएंगे, तो पोलियो जैसी बीमारी को हमेशा के लिए समाप्त रखा जा सकता है। उन्होंने सभी परिवारों से आग्रह किया कि किसी भी भ्रम या लापरवाही में न रहें और अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की खुराक दिलाएं।

जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि यह विशेष पल्स पोलियो अभियान आज से शुरू होकर 2 जुलाई तक चलेगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी। उन्होंने बताया कि अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रह जाए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारी की है। जिले के विभिन्न अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा मोबाइल टीमें भी गठित की गई हैं, जो दूरदराज के क्षेत्रों और ऐसे परिवारों तक पहुंचेंगी जहां बच्चों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचने में कठिनाई होती है।

जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि अभियान के दौरान एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। यदि किसी कारणवश स्वास्थ्यकर्मी किसी परिवार तक नहीं पहुंच पाते हैं या किसी बच्चे को दवा नहीं मिल पाती है, तो परिवार कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकता है। संबंधित टीम तुरंत उस क्षेत्र में पहुंचकर बच्चे को पोलियो की खुराक उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि कोई भी बच्चा छूटने न पाए।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करें। जब टीम आपके घर पहुंचे तो बच्चों को जरूर पोलियो की दवा दिलाएं और पड़ोसियों तथा रिश्तेदारों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जनसहयोग से ही इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने भी पोलियो टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पोलियो की दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। इसके सेवन से बच्चों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता, बल्कि यह उन्हें गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर बच्चे तक टीकाकरण सेवाएं पहुंचें।

सदर अस्पताल प्रभारी डॉ. राजू ने कहा कि चिकित्सा टीमों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि अभियान के दौरान अधिकतम बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ और टीम को आवश्यक दवाएं एवं संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं ताकि अभियान बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।

अस्पताल प्रबंधक आशुतोष कुमार समेत कई चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी भी इस मौके पर मौजूद रहे। सभी ने संयुक्त रूप से यह संदेश दिया कि पोलियो मुक्त समाज बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी। स्वास्थ्यकर्मियों ने अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए जानकारी भी साझा की।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पोलियो वायरस मुख्य रूप से दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के जरिए फैलता है। इसलिए स्वच्छता बनाए रखना, साफ पानी का उपयोग करना और नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है। भारत ने वर्षों पहले पोलियो मुक्त राष्ट्र का दर्जा हासिल किया था, लेकिन पड़ोसी देशों और वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है।

जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में लें। हर बच्चे तक पोलियो की दवा पहुंचाना केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है। भागलपुर में शुरू हुआ यह अभियान बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि सभी लोग मिलकर सहयोग करें तो यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो जैसी खतरनाक बीमारी के जोखिम में न रहे।

  • ये भी पढ़े..

    बेगूसराय में भीषण सड़क हादसा: दो स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर, 3 युवकों की मौत, 9 घायल

    Share Add as a preferred…

    सबौर अंचल कार्यालय के जनता दरबार शिविर में हंगामा, जमीन विवाद में एक व्यक्ति को पुलिस ने थाने भेजा

    Share Add as a preferred…