
रणनीतिक और उदीयमान क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन
दिनांक: 1 जुलाई 2025 | नई दिल्ली
₹1 लाख करोड़ की योजना से निजी क्षेत्र को मिलेगा दीर्घकालिक और रियायती वित्तपोषण
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में अनुसंधान, विकास और नवाचार (Research, Development and Innovation – RDI) को सुदृढ़ करने हेतु ₹1 लाख करोड़ की RDI योजना को मंजूरी दी है।
यह योजना निजी क्षेत्र को अनुसंधान और नवाचार में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लाई गई है, विशेषकर रणनीतिक और उदीयमान (Sunrise) क्षेत्रों में। योजना के अंतर्गत निजी कंपनियों को दीर्घकालिक ऋण, बेहद कम या शून्य ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे उच्च प्रौद्योगिकी स्तर पर अनुसंधान कर सकें और भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बना सकें।
RDI योजना के प्रमुख उद्देश्य:
- निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन देना ताकि वह अनुसंधान, विकास और नवाचार में निवेश को बढ़ा सके, विशेष रूप से रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में।
- उच्च स्तर की प्रौद्योगिकी (Technology Readiness Level – TRL) पर आधारित परियोजनाओं को वित्तपोषित करना।
- रणनीतिक महत्व की तकनीकों के अधिग्रहण में सहायता।
- Deep-Tech ‘फंड ऑफ फंड्स’ की स्थापना को बढ़ावा देना।
शासन संरचना:
- योजना का संचालन अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) के अधीन होगा।
- प्रधानमंत्री ANRF की गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष होंगे जो रणनीतिक दिशा तय करेंगे।
- Executive Council योजना के दिशा-निर्देश और दूसरे स्तर के फंड प्रबंधकों को स्वीकृति प्रदान करेगी।
- Empowered Group of Secretaries (EGoS), जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे, योजना में आवश्यक बदलावों, क्षेत्रों और परियोजनाओं को अनुमोदित करेगा।
वित्तीय ढांचा: दो-स्तरीय प्रणाली
- विशेष प्रयोजन कोष (Special Purpose Fund – SPF):
- यह कोष ANRF के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा जो मुख्य कोष संरक्षक की भूमिका निभाएगा।
- SPF से फंड द्वितीय स्तर के Fund Managers को आवंटित किए जाएंगे।
- द्वितीय स्तर के फंड मैनेजर:
- इनसे संबंधित परियोजनाओं को दीर्घकालिक रियायती ऋण या इक्विटी निवेश के रूप में वित्तपोषण मिलेगा।
- स्टार्टअप्स के मामले में इक्विटी निवेश को प्राथमिकता दी जा सकती है।
- साथ ही, Deep-Tech Fund of Funds (FoF) में योगदान भी किया जा सकेगा।
भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मिलेगा बल
यह योजना निजी क्षेत्र की वित्तीय चुनौतियों को दूर करने के साथ-साथ स्वावलंबन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में देश को मजबूत करेगी। RDI योजना, भारत के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम है, जिससे एक सशक्त, आत्मनिर्भर और नवाचार-संपन्न राष्ट्र का निर्माण होगा।


