
पटना: बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में इसी महीने दो अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन और एक रिसर्च आधारित एमआरआई मशीन शुरू होने जा रही है। नई मशीनों की स्थापना पीएमसीएच के नवनिर्मित रेडियोलॉजी भवन में की जाएगी। इन मशीनों के चालू होने के बाद मरीजों को कम समय में बेहतर गुणवत्ता की जांच सुविधा मिलेगी, वहीं चिकित्सकों को जटिल बीमारियों के अध्ययन और शोध कार्य में भी मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि बिहार में पहली बार सरकारी अस्पताल में इस स्तर की रिसर्च आधारित एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के सरकारी अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस करना है ताकि मरीजों को इलाज और जांच के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच में स्थापित होने वाली नई मशीनें न केवल जांच सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाएंगी, बल्कि मरीजों को कम लागत पर अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगी। सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और तकनीकी उन्नयन पर काम कर रही है।
महीने के अंत तक पूरा होगा इंस्टॉलेशन
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि नए रेडियोलॉजी भवन में दो सीटी स्कैन और एक एमआरआई मशीन का इंस्टॉलेशन इसी महीने के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद मरीजों की जांच शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ये मशीनें सामान्य जांच के साथ-साथ मेडिकल रिसर्च के लिए भी उपयोगी होंगी। इससे डॉक्टरों को विभिन्न बीमारियों पर गहन अध्ययन करने का अवसर मिलेगा और भविष्य में बेहतर इलाज की दिशा में भी मदद मिलेगी।
हर दिन 100 से अधिक मरीजों की होगी जांच
नई मशीनों की क्षमता वर्तमान में उपयोग हो रही मशीनों से कहीं अधिक होगी। प्रत्येक मशीन से 24 घंटे में औसतन 100 से अधिक मरीजों की जांच की जा सकेगी। इससे लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा सूची में कमी आएगी और मरीजों को जांच रिपोर्ट पहले की तुलना में काफी कम समय में उपलब्ध हो सकेगी। गंभीर मरीजों के इलाज में भी तेजी आएगी क्योंकि समय पर जांच होने से उपचार जल्द शुरू किया जा सकेगा।
प्रशिक्षित टेक्नीशियन होंगे तैनात, तय होगी न्यूनतम जांच दर
मशीनों के सुचारू संचालन के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की नियुक्ति की जाएगी। अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) की ओर से आवश्यक कार्यबल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही रोगी कल्याण समिति की बैठक कर मरीजों के लिए जांच की न्यूनतम दर तय की जाएगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीज भी कम शुल्क पर आधुनिक जांच सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
पैथोलॉजी विभाग ने जून में किया रिकॉर्ड प्रदर्शन
पीएमसीएच में जांच सेवाओं के विस्तार का असर पहले से ही देखने को मिल रहा है। जून महीने में अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में 2,34,018 से अधिक जांचें की गईं, जो अस्पताल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। नई एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों के शुरू होने के बाद जांच सेवाओं की क्षमता में और बढ़ोतरी होगी तथा मरीजों को एक ही परिसर में समयबद्ध और सुविधाजनक जांच की सुविधा मिल सकेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि अत्याधुनिक एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों की स्थापना से न केवल मरीजों को लाभ मिलेगा, बल्कि बिहार में चिकित्सा शिक्षा और रिसर्च को भी नई गति मिलेगी। जटिल बीमारियों के निदान में सटीकता बढ़ेगी और डॉक्टरों को आधुनिक तकनीक के साथ इलाज करने में सुविधा होगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिहार के सरकारी अस्पतालों को देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में लाया जाए, ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अपने राज्य में ही उपलब्ध हो सकें।


