सुल्तानगंज में गंगा में डूबे दो किशोर, SDRF चला रही सर्च ऑपरेशन; परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

भागलपुर (सुल्तानगंज): भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड में गंगा नदी से जुड़ी एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां अलग-अलग स्थानों पर दो किशोरों के डूबने की खबर ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत और शोक का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों घटनाएं सुल्तानगंज क्षेत्र के अलग-अलग घाटों पर हुईं, जहां नदी में नहाने या काम के दौरान अचानक हादसा हो गया और दोनों किशोर गहरे पानी में समा गए।

नमामि गंगे घाट के पास पहला हादसा

पहली घटना नमामि गंगा घाट के समीप मुरली पहाड़ इलाके में हुई। यहां शाहाबाद मुंशीपट्टी निवासी 16 वर्षीय गुलशन कुमार गंगा में डूब गया।

बताया जा रहा है कि गुलशन अपने दोस्तों के साथ नदी किनारे गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और अचानक डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण वह नजरों से ओझल हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और प्रशासन को सूचना दी गई।

महेशी पंचायत में दूसरा मामला

दूसरी घटना सुल्तानगंज प्रखंड के महेशी पंचायत स्थित एक ईंट भट्ठा क्षेत्र में हुई। यहां काम कर रहा 15 वर्षीय मजदूर फन्टुश कुमार भी गंगा में डूब गया।

फन्टुश कुमार मूल रूप से बांका जिले के शंभुगंज थाना क्षेत्र के कैथा गांव का रहने वाला था। वह ईंट भट्ठे पर काम करता था और संभवतः नहाने या पानी लेने के दौरान नदी में उतर गया, जहां वह गहरे पानी में फंस गया।

स्थानीय लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

SDRF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

गोताखोरों की मदद से नदी में लगातार तलाश की जा रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक दोनों किशोरों का कोई पता नहीं चल सका है।

SDRF की टीम नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोनों का पता लगाया जा सकेगा।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

इस घटना के बाद दोनों किशोरों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजन घटना स्थल पर पहुंचकर अपने बच्चों की तलाश में व्याकुल नजर आ रहे हैं।

गुलशन और फन्टुश के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।

स्थानीय लोगों में दहशत

लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं ने स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

गंगा नदी में तेज धारा और गहराई के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से लोग जोखिम उठाने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

लोगों का कहना है कि प्रमुख घाटों पर लाइफगार्ड, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।

इसके अलावा, बच्चों और किशोरों को नदी में जाने से रोकने के लिए भी जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गंगा नदी में उतरते समय सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।

विशेष रूप से बच्चों और किशोरों को बिना निगरानी के नदी में न जाने देने की सलाह दी गई है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि सर्च ऑपरेशन जारी है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

सुल्तानगंज में गंगा नदी में डूबने की इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ सुरक्षा उपाय कितने जरूरी हैं।

दो मासूम जिंदगियों के यूं अचानक चले जाने से पूरा इलाका गमगीन है।

अब जरूरत है कि प्रशासन और समाज मिलकर ऐसे कदम उठाएं, जिससे भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल, सभी की निगाहें SDRF के सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं, ताकि जल्द से जल्द दोनों किशोरों का पता चल सके और उनके परिजनों को जवाब मिल सके।

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