विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद भागलपुर-नवगछिया के बीच नई ट्रांसपोर्ट व्यवस्था लागू: बरारी घाट तक चलेंगी बसें, जल मार्ग से जुड़ेंगे दोनों छोर; ऑटो और टोटो का भाड़ा होगा तय

भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्पन्न हुए अभूतपूर्व संकट को देखते हुए जिला प्रशासन अब सड़क और जल मार्ग के एकीकरण (इंटीग्रेशन) के जरिए जनजीवन को सामान्य बनाने में जुट गया है। सोमवार, 04 मई 2026 को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भागलपुर और नवगछिया के बीच यातायात की वैकल्पिक और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करना था। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव की उपस्थिति के साथ-साथ बस, ट्रक और ऑटो/टोटो संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक महासेतु की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती, तब तक यात्रियों को गंतव्य तक पहुँचाने के लिए एक ‘मल्टी-मॉडल’ ट्रांसपोर्ट सिस्टम काम करेगा, जिसमें बसों को घाटों से जोड़ा जाएगा और जल मार्ग के जरिए गंगा के दोनों छोरों के बीच की दूरी कम की जाएगी। इस बैठक ने आने वाले दिनों के लिए भागलपुर की नई परिवहन रूपरेखा तय कर दी है।

साहिबगंज-मनिहारी की तर्ज पर ‘वाटर वे’ का शुभारंभ

​समीक्षा भवन की बैठक में जिलाधिकारी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि भागलपुर के बरारी घाट से लेकर नवगछिया के महादेवपुर घाट (हाई लेवल) तक शीघ्र ही जल मार्ग की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। यह व्यवस्था झारखंड के साहिबगंज और बिहार के मनिहारी के बीच चलने वाली फेरी सेवा की तर्ज पर होगी। यह जल मार्ग न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि छोटे वाहनों के लिए भी एक सुरक्षित गलियारा बनेगा।

​प्रशासन ने इस सेवा के लिए समय सारणी भी निर्धारित कर दी है। सरकारी और पंजीकृत नावें/स्टीमर सुबह 5:00 बजे से लेकर संध्या 5:00 बजे तक निरंतर परिचालन करेंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह सेवा उन हजारों लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो प्रतिदिन कामकाज, शिक्षा या चिकित्सा के लिए गंगा पार करते हैं। जल मार्ग के शुरू होने से मुंगेर के रास्ते 100 किलोमीटर का चक्कर लगाने की मजबूरी खत्म होगी और समय की भी बड़ी बचत होगी।

बसों के लिए बरारी घाट बनेगा नया टर्मिनस

​परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए बस एसोसिएशन के साथ विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने बस संचालकों को निर्देश दिया है कि वे अपनी बसों का परिचालन बरारी घाट तक सुनिश्चित करें। चूंकि बरारी घाट पर आमतौर पर इतनी बड़ी संख्या में बसों के खड़ा होने की जगह नहीं होती, इसलिए जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन बसों के ठहराव और पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराएगा।

​यह बस सेवा प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से लेकर शाम 7:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जो यात्री शाम के समय गंगा पार कर भागलपुर पहुँच रहे हैं, उन्हें अपने गंतव्य तक जाने के लिए बसें उपलब्ध रहें। बस एसोसिएशन ने भी इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई है और जल्द ही रूट चार्ट के अनुसार गाड़ियों का परिचालन शुरू करने का वादा किया है।

पूर्णिया और सीमांचल के यात्रियों के लिए ‘कनेक्टिविटी प्लान’

​विक्रमशिला सेतु बंद होने से सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हो रही है जो पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जैसे जिलों से भागलपुर आते हैं। बैठक में तय हुआ कि सीमांचल के इन जिलों से आने वाली बसों को विक्रमशिला सेतु (नवगछिया छोर) तक लाया जा सकता है। वहां बसें रुकेंगी और यात्री वहां से उतरकर ऑटो या टोटो के माध्यम से महादेवपुर घाट तक पहुँच सकते हैं।

​यात्रियों की सुविधा के लिए यह भी विकल्प दिया गया है कि बस संचालक स्वयं अपने माध्यम से यात्रियों को घाट तक पहुँचाने की व्यवस्था करें या यात्री स्वयं भाड़ा तय करके वहां तक पहुँचें। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने कड़ा निर्देश दिया है कि प्रत्येक बस पर ‘रेट चार्ट’ लगाना अनिवार्य होगा। इससे यात्रियों से अवैध वसूली की गुंजाइश खत्म होगी और उन्हें पहले से पता होगा कि उनकी यात्रा का कुल खर्च कितना होने वाला है।

तिलका मांझी से बरारी तक ऑटो और टोटो का भाड़ा होगा फिक्स

​शहर के भीतर भी यात्रियों को आर्थिक शोषण से बचाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। तिलका मांझी चौक भागलपुर का मुख्य केंद्र है, जहाँ से लोग बरारी घाट की ओर प्रस्थान करेंगे। बैठक में ऑटो और टोटो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे तिलका मांझी चौक से बरारी घाट तक के लिए अपना किराया (फेयर) तुरंत तय करें।

​निर्धारित किए गए किराए को जिला प्रशासन द्वारा सार्वजनिक किया जाएगा और जगह-जगह इसके बोर्ड लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में किसी भी यात्री से तय राशि से अधिक किराया वसूलना दंडनीय अपराध माना जाएगा। ऑटो/टोटो चालकों को भी कतारबद्ध तरीके से परिचालन करने को कहा गया है ताकि सड़कों पर जाम की स्थिति न बने।

ट्रक एसोसिएशन के लिए दिशा-निर्देश और सुरक्षा व्यवस्था

​बैठक में ट्रक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ भी विमर्श हुआ। चूंकि भारी वाहनों का प्रवेश पुल पर पूरी तरह वर्जित है, इसलिए ट्रकों को मुंगेर के रास्ते ही अपनी यात्रा जारी रखनी होगी। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वैकल्पिक मार्गों पर ट्रकों की लंबी कतार न लगे, इसके लिए गश्ती बढ़ाई जाए।

​विशेष रूप से रात के समय सड़कों पर रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। एसएसपी ने संगठनों को भरोसा दिलाया कि सड़कों पर सुरक्षा बल की तैनाती रहेगी ताकि चालक और माल सुरक्षित रहें। इसके अलावा, घाटों पर भी सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा ताकि भीड़ को व्यवस्थित किया जा सके और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी न हो।

प्रशासनिक मुस्तैदी और भविष्य की रणनीति

​जिलाधिकारी ने बैठक के अंत में सभी स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु का टूटना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन आपसी समन्वय से हम आम जनता की परेशानियों को कम कर सकते हैं। समीक्षा भवन में हुई इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भागलपुर प्रशासन केवल पुल की मरम्मत का इंतजार नहीं कर रहा, बल्कि समानांतर व्यवस्थाएं खड़ी कर रहा है।

​आगामी कुछ दिनों में बरारी और महादेवपुर घाटों का नजारा पूरी तरह बदल जाएगा, जहाँ बसें, ऑटो और स्टीमर एक संगठित तंत्र के रूप में काम करेंगे। प्रशासन इस पूरी व्यवस्था की हर दिन निगरानी करेगा और फीडबैक के आधार पर जरूरी बदलाव किए जाएंगे। भागलपुर के लोगों के लिए यह खबर एक बड़ी राहत लेकर आई है कि अब उन्हें आवागमन के लिए केवल भाग्य के भरोसे नहीं रहना होगा।

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