तारापुर से सुल्तानगंज तक ‘विकास की नई राह’! ढोलपहाड़ी मंदिर को पर्यटन हब बनाएंगे सम्राट चौधरी; असरगंज में चैती दुर्गा के बीच बड़ी घोषणा

समाचार के मुख्य बिंदु: आस्था के आंगन से आधारभूत संरचना तक का सफर

  • बड़ी घोषणा: उपमुख्यमंत्री और तारापुर विधायक सम्राट चौधरी ने असरगंज प्रखंड के ढोलपहाड़ी को सुल्तानगंज से जोड़ने के लिए नई सड़क निर्माण की घोषणा की है।
  • धार्मिक पर्यटन: ढोलपहाड़ी दुर्गा मंदिर को राजकीय पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास शुरू करने का आश्वासन दिया गया है।
  • आस्था और उल्लास: चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने सदानंद सिंह और रंभा कुमारी के स्वागत के बीच मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की।
  • रोजगार के अवसर: पर्यटन स्थल बनने से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, परिवहन और आतिथ्य सत्कार (हॉस्पिटैलिटी) के क्षेत्र में नए द्वार खुलेंगे।
  • यज्ञ में सहभागिता: पूजा के उपरांत सम्राट चौधरी ने सजुआ गांव में आयोजित महाविष्णु यज्ञ में भाग लेकर लोक कल्याण की कामना की।
  • VOB इनसाइट: भागलपुर और मुंगेर जिले की सीमा पर स्थित ढोलपहाड़ी का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामरिक भी है। सुल्तानगंज से इसकी सीधी कनेक्टिविटी न केवल श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि यह इलाका कांवड़िया पथ के एक वैकल्पिक ‘इको-सिस्टम’ के रूप में भी विकसित हो सकता है। सम्राट चौधरी का अपनी विधानसभा में यह सक्रिय रुख आगामी चुनावों से पहले ‘प्रो-डेवलपमेंट’ छवि को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

असरगंज/मुंगेर | 29 मार्च, 2026

​बिहार की राजनीति में ‘विकास’ और ‘विरासत’ को एक साथ लेकर चलने की कला में माहिर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को असरगंज की धरती से एक नई पटकथा लिखने की शुरुआत की है। चैती दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर, जब पूरा प्रदेश शक्ति की उपासना में लीन है, तब तारापुर के विधायक सह उपमुख्यमंत्री ने ढोलपहाड़ी जैसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र को मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, ढोलपहाड़ी से सुल्तानगंज तक बनने वाली प्रस्तावित सड़क केवल ईंट और पत्थर का ढांचा नहीं होगी, बल्कि यह इस पिछड़े इलाके के लिए ‘आर्थिक जीवनरेखा’ साबित होने वाली है।

ढोलपहाड़ी से सुल्तानगंज: क्यों महत्वपूर्ण है यह सड़क?

​वर्तमान में असरगंज प्रखंड के कई इलाके सुल्तानगंज से सीधे जुड़े होने के बावजूद बेहतर सड़क संपर्क के अभाव में व्यापारिक और धार्मिक दृष्टिकोण से पिछड़े हुए हैं। सम्राट चौधरी द्वारा घोषित यह नई सड़क परियोजना ढोलपहाड़ी के सुदूरवर्ती क्षेत्रों को भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से सीधे जोड़ेगी।

​इसके रणनीतिक लाभों पर नजर डालें:

  1. तीर्थाटन में सुगमता: सुल्तानगंज उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों में से एक है, जहाँ से करोड़ों कांवड़िए गंगा जल उठाते हैं। ढोलपहाड़ी की सड़क इस कांवड़िया पथ के आसपास के ग्रामीण इलाकों को एक मजबूत वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगी।
  2. कृषि व्यापार: असरगंज और तारापुर के किसानों के लिए सुल्तानगंज का बाजार और वहां का रेलवे स्टेशन अब और भी करीब हो जाएगा, जिससे फसलों की ढुलाई का खर्च कम होगा।
  3. शिक्षा और स्वास्थ्य: नई सड़क बनने से इस क्षेत्र के छात्रों और मरीजों के लिए भागलपुर के उच्च शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों तक पहुँचना आसान होगा।

पर्यटन स्थल का दर्जा: रोजगार और पहचान का नया मॉडल

​ढोलपहाड़ी दुर्गा मंदिर न केवल स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है, बल्कि इसकी भौगोलिक बनावट इसे एक बेहतरीन पर्यटन केंद्र बनाने के लिए उपयुक्त बनाती है। सम्राट चौधरी ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर लाना उनकी प्राथमिकता है।

​जब किसी स्थल को पर्यटन का दर्जा मिलता है, तो वहां बुनियादी सुविधाओं का विकास तेजी से होता है। ढोलपहाड़ी में पार्क, सामुदायिक भवन, पेयजल की आधुनिक व्यवस्था और सुगम रास्तों का निर्माण होगा। उपमुख्यमंत्री का मानना है कि इससे स्थानीय बेरोजगार युवाओं को अपनी जमीन पर ही काम मिलेगा। मंदिर के आसपास छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल्स को बढ़ावा देकर एक नया ‘इकोनॉमिक हब’ तैयार करने की योजना है।

स्वागत की ऊष्मा और आस्था का संगम

​उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जब ढोलपहाड़ी मंदिर पहुँचे, तो वहां जनसैलाब उमड़ पड़ा। समाजसेवी रंभा कुमारी और पूर्व उपमुखिया सदानंद सिंह ने मां दुर्गा का स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान कोई राजनीतिक ताम-झाम नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि और उसकी जनता के बीच की आत्मीयता दिखी।

​सम्राट चौधरी ने मंदिर में विधिवत पाठ किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की शक्ति ही उन्हें जनता की सेवा करने की ऊर्जा प्रदान करती है। पूजा के बाद वे सीधे सजुआ गांव पहुँचे, जहाँ आयोजित महाविष्णु यज्ञ के आध्यात्मिक वातावरण में उन्होंने भाग लिया। यज्ञ के पूर्णाहुति के समय उनकी उपस्थिति ने ग्रामीणों के उत्साह को दोगुना कर दिया।

केस फाइल: ढोलपहाड़ी विकास योजना का सांख्यिकीय अवलोकन

परियोजना का नाम

मुख्य लाभ

अनुमानित प्रभाव क्षेत्र

सुल्तानगंज-ढोलपहाड़ी सड़क

दूरी में कमी और सुगम व्यापार

असरगंज, तारापुर और सुल्तानगंज प्रखंड

पर्यटन स्थल दर्जा

बुनियादी सुविधाओं का विस्तार

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार

विष्णु यज्ञ/धार्मिक आयोजन

सांस्कृतिक एकजुटता

ग्रामीण सामाजिक ढांचा

प्रशासनिक पहल

समयबद्ध निर्माण और फंड आवंटन

पूरे मुंगेर प्रमंडल का विकास

VOB का नजरिया: घोषणा से धरातल तक की चुनौती

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि सम्राट चौधरी की यह घोषणा तारापुर विधानसभा के लिए एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ है, लेकिन इसकी सफलता कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्भर करेगी।

  • भूमि अधिग्रहण: ढोलपहाड़ी से सुल्तानगंज के बीच सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण एक बड़ी चुनौती हो सकती है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसानों को उचित मुआवजा मिले और परियोजना लटके नहीं।
  • पर्यटन का ब्लूप्रिंट: केवल दर्जा देने से काम नहीं चलेगा। पर्यटन विभाग को एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करना होगा ताकि ढोलपहाड़ी को राजगीर या बोधगया जैसी सुविधाओं के साथ विकसित किया जा सके।
  • समय सीमा: अक्सर चुनावी वर्षों में घोषणाएं होती हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन वर्षों तक लंबित रहता है। उपमुख्यमंत्री होने के नाते सम्राट चौधरी पर यह जिम्मेदारी अधिक है कि वे इस प्रोजेक्ट को ‘फास्ट ट्रैक’ पर रखें।
  • कांवड़िया पथ के साथ समन्वय: चूँकि सुल्तानगंज कांवड़िया पथ का प्रवेश द्वार है, इसलिए इस सड़क को श्रावणी मेले की सुरक्षा और सुविधा मानकों के अनुरूप बनाना होगा।

निष्कर्ष: सुशासन और संकल्प का संदेश

​उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का असरगंज दौरा यह स्पष्ट करता है कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र की नब्ज से अच्छी तरह वाकिफ हैं। आस्था को विकास के साथ जोड़कर उन्होंने एक ऐसा विजन पेश किया है जो न केवल सामाजिक है, बल्कि आर्थिक रूप से भी व्यवहार्य है। ढोलपहाड़ी दुर्गा मंदिर की सीढ़ियों से लेकर सुल्तानगंज की पक्की सड़कों तक, विकास की यह नई उम्मीद अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है।

  • ये भी पढ़े..

    संघर्ष से सफलता तक: मेडिकल शॉप चलाने वाले पिता के बेटे ने IIT खड़गपुर से इंजीनियर बनकर BPSC में हासिल की सफलता, बने SDM

    Share Add as a preferred…

    बिहार शिक्षा विभाग में बड़ा एक्शन: 6 अधिकारियों पर गिरी गाज, मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Share Add as a preferred…