बिहार शिक्षा विभाग में बड़ा एक्शन: 6 अधिकारियों पर गिरी गाज, मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश

पटना: बिहार सरकार ने शिक्षा विभाग में लापरवाही, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट कहा है कि विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, वित्तीय गड़बड़ी और कर्तव्यहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कर्तव्य में लापरवाही, वित्तीय अनियमितता, शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में की गई है।

बांका के तत्कालीन डीईओ पर विभागीय कार्रवाई

शिक्षा मंत्री ने बताया कि बांका के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पवन कुमार के खिलाफ कार्य में लापरवाही के आरोप पाए गए हैं। वर्तमान में वे पूर्वी चंपारण में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

रिश्वत लेने के आरोप में बीईओ निलंबित

मधुबनी जिले के मधेपुर प्रखंड की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मरजीना खातून पर विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र (TC) पर प्रतिहस्ताक्षर करने के बदले अवैध राशि लेने का आरोप सिद्ध हुआ है। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उनका निलंबन 18 मई 2026 से प्रभावी माना गया है।

भोजपुर के अधिकारी पर बर्खास्तगी की अनुशंसा

भोजपुर के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) मो. इरशाद अंसारी पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप पाए गए हैं। विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ सेवा से बर्खास्त करने की भी अनुशंसा की है।

सेवानिवृत्त अधिकारी भी कार्रवाई की जद में

बांका के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी और वर्तमान में सेवानिवृत्त हो चुके देवेंद्र कुमार झा के खिलाफ भी वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। सेवानिवृत्ति के बाद भी विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

संस्कृत शिक्षा बोर्ड के पूर्व सचिव पर भी कार्रवाई

बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन सचिव राजेश कुमार को भी विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।

शिक्षक नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप

सुपौल के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी रामाशीष महतो के खिलाफ शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप पाए गए हैं। विभाग ने उनके विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

वेतन वृद्धि और पेंशन पर भी असर

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के तहत संबंधित अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है। इसके अलावा वेतन या पेंशन में कटौती सहित अन्य दंडात्मक प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं।

मंत्री का सख्त संदेश

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

“शिक्षा विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता या कर्तव्यहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।” — मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री, बिहार

शिक्षा विभाग में बढ़ेगी जवाबदेही

विभाग का मानना है कि इस कार्रवाई से अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ेगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। सरकार आने वाले दिनों में अन्य लंबित शिकायतों और मामलों की भी समीक्षा कर सकती है।

  • ये भी पढ़े..

    भागलपुर में बोरे से मिली महिला की लाश, रेलवे हॉल्ट के पास सनसनी; हत्या की आशंका से दहशत

    Share Add as a preferred…

    “मैं 36% अति पिछड़ों का अंगरक्षक हूं” : सम्राट चौधरी का बड़ा दावा, अपराधियों को दी चेतावनी

    Share Add as a preferred…