नवगछिया में रामनवमी के जुलूस के बीच ‘बंदूक’ का भौकाल पड़ा महंगा! परबत्ता पुलिस ने जमुनिया से पकड़ा हर्ष फायरिंग का शौकीन; राइफल और एयरगन जब्त

समाचार के मुख्य बिंदु: उत्सव के बीच बारूद का धुआं और कानून का शिकंजा

  • बड़ी गिरफ्तारी: नवगछिया पुलिस जिला के परबत्ता थाना क्षेत्र में रामनवमी के पावन अवसर पर हर्ष फायरिंग करने वाले एक युवक को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
  • घटनास्थल: यह पूरी वारदात परबत्ता के जमुनिया स्थित एक सार्वजनिक स्थल पर हुई, जहाँ उत्सव का माहौल अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल गया।
  • पकड़ा गया आरोपी: गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नारायणपुर निवासी विवेकानंद यादव के रूप में हुई है, जो हथियार चमकाकर भीड़ के बीच वर्चस्व दिखाने की कोशिश कर रहा था।
  • बरामदगी: पुलिस ने मौके से एक लाइसेंसी राइफल, एक एयरगन और एक खोखा (चला हुआ कारतूस) बरामद किया है।
  • पुलिस-पब्लिक तालमेल: जमुनिया के जागरूक ग्रामीणों ने न केवल पुलिस को समय पर सूचना दी, बल्कि आरोपी को पकड़ने में पुलिस की सक्रिय मदद भी की।
  • VOB इनसाइट: बिहार में ‘हर्ष फायरिंग’ एक जानलेवा शौक बनता जा रहा है। शादी-ब्याह हो या धार्मिक जुलूस, लोग अपनी शान दिखाने के लिए गोलियां चलाते हैं, जिससे अक्सर बेगुनाहों की जान चली जाती है। नवगछिया एसपी कार्यालय द्वारा जारी यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो लाइसेंस का उपयोग सुरक्षा के बजाय ‘प्रदशन’ के लिए करते हैं। लाइसेंस मिलने का मतलब कानून से ऊपर होना नहीं है।

नवगछिया | 29 मार्च, 2026

​बिहार के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत परबत्ता थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने उत्सव की मर्यादा और हथियारों के अवैध प्रदर्शन के बीच की लकीर को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। रामनवमी का त्योहार जहाँ शांति और भक्ति का प्रतीक है, वहीं कुछ लोग इसे अपनी ‘दबंगई’ दिखाने का जरिया बना लेते हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, परबत्ता पुलिस ने एक ऐसे ही शख्स को सलाखों के पीछे पहुँचाया है जिसने सार्वजनिक स्थान पर अपनी राइफल से गोलियां चलाकर दहशत फैलाने का प्रयास किया।

जमुनिया में ‘पावर’ का प्रदर्शन: जब भक्ति के बीच गूंजी गोलियां

​रविवार को पूरे नवगछिया में रामनवमी की धूम थी। परबत्ता थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव में भी लोग उत्सव की तैयारियों और जुलूस के उत्साह में डूबे हुए थे। इसी दौरान, दोपहर के वक्त अचानक जमुनिया के एक सार्वजनिक स्थल पर गोलियों की आवाज सुनाई दी। पहले तो लोगों को लगा कि शायद पटाखे फोड़े जा रहे हैं, लेकिन जब धुआं उठा और हाथ में चमकती राइफल दिखी, तो भीड़ में अफरा-तफरी मच गई।

​नारायणपुर का रहने वाला विवेकानंद यादव वहां अपनी लाइसेंसी राइफल और एक एयरगन के साथ मौजूद था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह हवा में लहराते हुए गोलियां दाग रहा था। यह केवल उत्सव की खुशी नहीं थी, बल्कि भीड़ के बीच खुद को ताकतवर साबित करने की एक ओछी कोशिश थी।

ग्रामीणों की सजगता और परबत्ता पुलिस का त्वरित एक्शन

​जमुनिया के ग्रामीण इस तरह के गैर-कानूनी प्रदर्शन को देख मूकदर्शक नहीं बने रहे। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना परबत्ता थाना को दी। नवगछिया एसपी के सख्त निर्देशों के आलोक में, थाना की एक विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस के पहुँचने से पहले ही ग्रामीणों ने विवेकानंद यादव को घेर रखा था।

​पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आरोपी को काबू में लिया। मौके से पुलिस को उसकी वह लाइसेंसी राइफल मिली जिससे फायरिंग की जा रही थी। इसके अलावा, उसके पास से एक एयरगन भी बरामद की गई, जिसका उपयोग संभवतः वह केवल डर पैदा करने या ‘डमी’ प्रदर्शन के लिए कर रहा था। पुलिस ने जमीन से एक खाली खोखा भी बरामद किया है, जो इस बात का भौतिक साक्ष्य (Physical Evidence) है कि वहां वास्तव में फायरिंग हुई थी।

हथियारों का जखीरा और गिरफ्तारी की विवरणी

​एसपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस ने विवेकानंद यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद किए गए हथियारों की सूची इस प्रकार है:

  1. लाइसेंसी राइफल: 01 (जिसके लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर सार्वजनिक फायरिंग की गई)।
  2. एयरगन: 01 (दिखावे और डराने के लिए प्रयुक्त)।
  3. खोखा (Empty Cartridge): 01 (सबूत के तौर पर जब्त)।

​पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि विवेकानंद यादव के पास इस राइफल का लाइसेंस कब और किन शर्तों पर जारी किया गया था। नियमानुसार, किसी भी लाइसेंसी हथियार का उपयोग केवल आत्मरक्षा (Self Defense) के लिए किया जा सकता है। सार्वजनिक आयोजनों या हर्ष फायरिंग में इसका उपयोग करना लाइसेंस रद्द करने और जेल भेजने का पर्याप्त आधार है।

VOB का नजरिया: क्या ‘लाइसेंस’ ही बन गया है कानून की कमजोरी?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि नवगछिया की यह घटना बिहार के एक बड़े सामाजिक रोग की ओर इशारा करती है।

  • हर्ष फायरिंग और हत्या का प्रयास: कानून की नजर में हर्ष फायरिंग केवल एक गलती नहीं, बल्कि ‘गैर-इरादतन हत्या के प्रयास’ जैसी गंभीर श्रेणी में आती है। हवा में चलाई गई गोली जब नीचे गिरती है, तो उसकी गति किसी की भी जान लेने के लिए पर्याप्त होती है।
  • लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया: नवगछिया पुलिस को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि विवेकानंद यादव का हथियार लाइसेंस तत्काल प्रभाव से स्थायी रूप से रद्द किया जाए। केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है, अपराधी को यह महसूस होना चाहिए कि कानून का उल्लंघन करने पर वह अपना ‘स्टेटस सिंबल’ खो देगा।
  • सामाजिक बहिष्कार: उत्सवों में हथियारों के प्रदर्शन को समाज को भी नकारना होगा। जब तक आयोजक और ग्रामीण ऐसे तत्वों को मंच नहीं देंगे, तब तक ऐसे ‘शौकिया अपराधी’ पैदा नहीं होंगे।

निष्कर्ष: सुशासन और उत्सव की सुरक्षा

​परबत्ता पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने जमुनिया में किसी संभावित हादसे को टाल दिया। रामनवमी जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ के बीच फायरिंग करना एक आत्मघाती कदम हो सकता था। पुलिस अब आरोपी के पिछले आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या पहले भी वह इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है।

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