
बेरूत/इज़राइल: ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब और भयानक मोड़ पर पहुंच गया है, क्योंकि लेबनान का आतंकी संगठन Hezbollah भी इस जंग में कूद गया। हिजबुल्लाह ने ईरान का समर्थन करते हुए इज़राइल में ड्रोन और रॉकेट से हमला किया, जिसके जवाब में इज़राइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया।
लेबनान में हुई जवाबी कार्रवाई में अब तक 31 लोग मारे गए और 149 घायल हुए हैं, जिनमें हिजबुल्लाह की संसदीय शाखा के प्रमुख Mohammad Raad भी शामिल हैं।
हिजबुल्लाह का हमला और उसकी वजह
हिजबुल्लाह ने बयान जारी किया कि अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए हमला किया गया। संगठन का दावा है कि हमला:
- लेबनान और उसके नागरिकों की रक्षा के लिए था,
- दोस्त ईरान की मदद करने के लिए किया गया।
हिजबुल्लाह ने चेतावनी दी कि अगर इज़राइल ने अपनी हरकतों को नहीं रोका, तो ऐसे और हमले भी किए जाएंगे।
इज़राइल की जवाबी कार्रवाई
Israel की सेना ने हिजबुल्लाह द्वारा उत्तरी इज़राइल में प्रोजेक्टाइल दागने के जवाब में बेरूत और दक्षिणी लेबनान में संगठन के ठिकानों पर हमला किया।
इज़राइल की IDF ने बयान में कहा:
- लेबनान में आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
- ईरान की मदद से काम कर रहे आतंकवादियों ने इज़राइल और उसके नागरिकों पर गोलीबारी की।
- इज़राइल किसी भी आतंकवादी संगठन को खतरा बनने नहीं देगा।
लेबनान की प्रतिक्रिया
लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा कि हिजबुल्लाह एक बार फिर प्रॉक्सी वॉर के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पूरे देश के लिए बड़ा खतरा है।
इस तरह ईरान-इज़राइल संघर्ष अब क्षेत्रीय युद्ध की शक्ल ले चुका है, और हिजबुल्लाह के दखल ने इसे और जटिल बना दिया है।


