
तेहरान/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार को ईरान की सबसे ताकतवर सेना Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) के मुख्यालय को पूरी तरह तबाह कर दिया। अमेरिकी सेना ने इसे ‘सांप का सिर काटना’ करार दिया और एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें नौसैनिक जहाजों से छोड़ी गई मिसाइलें शहरी परिसर को धूल में बदलती दिख रही हैं।
अमेरिका का कहना है कि आईआरजीसी ने पिछले 47 सालों में 1000 से ज्यादा अमेरिकियों की जान ली थी, और अब इसका बदला उसके मुख्य ठिकाने को तबाह करके लिया गया है। इस हमले के बाद तेहरान और अन्य खाड़ी देशों में लगातार हवाई हमले और मिसाइलों की आवाजें गूंज रही हैं।
ट्रंप का बड़ा एलान
Donald Trump ने न्यूयॉर्क टाइम्स को इंटरव्यू में कहा कि ईरान पर यह सैन्य कार्रवाई अभी रुकने वाली नहीं है। उन्होंने बताया:
- अमेरिका और इजरायल की योजना इन हमलों को कम से कम चार से पांच हफ्ते तक जारी रखने की है।
- अमेरिका के पास गोला-बारूद की कोई कमी नहीं है और दुनिया के अलग-अलग देशों में उनके हथियारों का भंडार मौजूद है।
- उन्होंने डेली मेल से भी कहा कि यह हमेशा से चार हफ्ते का प्लान था।
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि वे ईरान के नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं और इसके लिए सहमति दे दी है।
ईरान का पलटवार और युद्ध का नया मोर्चा
Ali Khamenei की हत्या को ईरान ने दुनिया भर के मुसलमानों के खिलाफ युद्ध का ऐलान माना। जवाब में आईआरजीसी ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए।
- ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि मास्टरमाइंड को सजा देना ईरान का वैध अधिकार है।
- ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख Ali Larijani ने चेतावनी दी कि वे अब ऐसी ताकत से हमला करेंगे जिसका अमेरिका ने पहले अनुभव नहीं किया।
इन जवाबी हमलों की चपेट में संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और इज़राइल भी आए हैं।
शांति की कोशिशें और बातचीत की मेज
ओमान के विदेश मंत्री ने शांति दूत की भूमिका निभाई और दोनों पक्षों से युद्धविराम की अपील की।
- ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि वे स्थिरता के लिए किसी गंभीर प्रयास के लिए तैयार हैं।
- ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन इसमें देरी कर रहा है।
इस तरह, एक तरफ कूटनीतिक रास्ते तलाशे जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ मिसाइल और बमों की धमाकों से पूरा मिडिल ईस्ट थर्रा रहा है।


