
रावलपिंडी, पाकिस्तान: पाकिस्तान का सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस Nur Khan Airbase इस समय गंभीर संकट में है। सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर मजाक कर रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में हुए भारतीय हमलों के बाद अभी बेस की मरम्मत अधूरी थी कि मार्च 2026 में अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने एक सटीक हवाई हमला कर दिया।
इतिहास और पिछले नुकसान
मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर सटीक हवाई हमले किए थे। उसी समय नूर खान एयरबेस को भी निशाना बनाया गया और इसे काफी नुकसान हुआ। तब से पाकिस्तान की सेना दिन-रात मेहनत करके बेस की मरम्मत कर रही थी, लेकिन अब अफगान एयर स्ट्राइक ने उसे और बुरी तरह प्रभावित कर दिया।
अफगान एयर स्ट्राइक का विवरण

2 मार्च 2026 को अफगान एयर फोर्स ने नूर खान एयरबेस पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पायलटों ने बिना किसी गलती के निशाना साधा। इस हमले में बेस के कई हिस्से पूरी तरह बर्बाद हो गए। स्थानीय लोगों ने रातभर विस्फोटों की तेज आवाजें सुनीं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में धुआं और आग साफ तौर पर दिखाई दे रही है। पाकिस्तान की ओर से अभी तक पूरा नुकसान आधिकारिक रूप से नहीं बताया गया है।
नूर खान एयरबेस का महत्व
नूर खान एयरबेस रावलपिंडी शहर के पास स्थित है और इसे पाकिस्तान एयर फोर्स का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बेस माना जाता है। बेस में:
- कमांड सेंटर,
- फाइटर जेट्स,
- ट्रांसपोर्ट विमान,
- और कई गोला-बारूद के गोदाम मौजूद हैं।
अफगान हवाई हमले के बाद बेस की मरम्मत अधूरी रह गई है, जिससे पाकिस्तान में सुरक्षा और सेना की स्थिरता को लेकर आम नागरिकों में चिंता बढ़ गई है।


