
नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने के बाद उनका आंदोलन नए विवाद में घिर गया है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया है, जबकि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रस्तावित संसद मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
CJP का दावा- आंदोलन में घुसाए गए बाहरी लोग
CJP नेतृत्व ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का दावा है कि 30 से 40 बाहरी लोग प्रदर्शन स्थल में घुस आए हैं और वे आंदोलन को विवादित बनाने के लिए कथित तौर पर भड़काऊ और भारत-विरोधी नारेबाजी कर सकते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
CJP ने अपने समर्थकों से अपील की है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति आंदोलन का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करे, तो उसे पहचानकर शांतिपूर्ण तरीके से अलग करें और किसी भी उकसावे में न आएं।
संसद मार्च को नहीं मिली अनुमति
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस का कहना है कि संसद और उसके आसपास का इलाका अत्यंत संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के वहां पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बैरिकेड तोड़ने पर होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई प्रदर्शनकारी सुरक्षा बैरिकेड पार करने या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर हिरासत में भी लिया जा सकता है।
स्थिति को देखते हुए संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
तनावपूर्ण बनी हुई है स्थिति
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलन का माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है। एक ओर CJP आंदोलन को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सख्ती बरतने की बात कह रही है। फिलहाल राजधानी में स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।


