
भागलपुर: भागलपुर पुलिस ने सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में हुई चर्चित महिला हत्याकांड का सफल खुलासा करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। करीब 22 दिन पहले एक अज्ञात महिला का शव बोरे में बंद अवस्था में मिलने के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज और मानव सूचना तंत्र के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। अब इस मामले में पुलिस ने हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
22 जून 2026 को सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के मिरहट्टी गांव के समीप पीर बाबा स्थान के पास बोरे में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद सुल्तानगंज थाना कांड संख्या 247/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। बाद में मृतका की पहचान तेतरी देवी, पति बंटी तांती, निवासी मोहम्मदपुर, थाना मधुसूदनपुर, जिला भागलपुर के रूप में हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा सुल्तानगंज थाना की संयुक्त टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली सूचनाओं का विश्लेषण किया। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस ने इस मामले में अजय कुमार चौरसिया उर्फ अजय मोदी, अर्जुन यादव तथा मंटोश कुमार को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त टोटो रिक्शा भी बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के मिर्जा गांव स्थित अजय कुमार चौरसिया के बगीचे में महिला की हत्या की थी। इसके बाद शव को टोटो रिक्शा में रखकर मिरहट्टी गांव के किनारे पीर बाबा स्थान के पास फेंक दिया, ताकि पहचान छिपाई जा सके। हालांकि पुलिस की वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के सामने आरोपियों की योजना सफल नहीं हो सकी।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में सुल्तानगंज थाना के कई पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बल की अहम भूमिका रही।


