
पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कहीं दिनभर घने बादल छाए रहे तो कहीं तेज बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए राज्य के 30 जिलों में आंधी, तेज बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण बिहार में नमी वाली हवाओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इसी वजह से अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई स्थानों पर तेज हवा के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी सभी आधिकारिक सलाह का पालन करने की जरूरत है।
राज्य के दो जिलों पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश, तेज हवा और वज्रपात की आशंका सामान्य दिनों की तुलना में अधिक बताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। प्रशासन को भी आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई, बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भी गरज के साथ बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर और किशनगंज जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात की संभावना अधिक है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। वहीं अन्य अलर्ट वाले जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, बादल गरजने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कई स्थानों पर पूरे दिन बादल छाए रहने की भी संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी विशेष सलाह जारी की है। जिन क्षेत्रों में तेज बारिश और वज्रपात की संभावना है वहां खेतों में काम करने से बचने की अपील की गई है। कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने और पशुओं को खुले मैदान में न छोड़ने की सलाह दी गई है। मौसम साफ होने के बाद ही खेती से जुड़े कार्य करने की बात कही गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में मानसून सक्रिय होने के बावजूद अभी तक पूरे राज्य में समान रूप से अच्छी बारिश नहीं हुई है। उत्तर बिहार और सीमांचल के कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में अब भी पर्याप्त बारिश का इंतजार है। इसी असमान वर्षा के कारण उत्तर बिहार की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जबकि दक्षिणी जिलों में गर्मी और उमस का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार नमी को बिहार की ओर खींच रहा है। यही कारण है कि बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है और कई जिलों में बार-बार बारिश की स्थिति बन रही है। यदि यह मौसम प्रणाली अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रहती है तो राज्य के अधिकतर हिस्सों में वर्षा की गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
बारिश के कारण राजधानी पटना सहित कई शहरों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि दक्षिण बिहार के कई जिलों में अधिकतम तापमान अभी भी लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक लगातार वर्षा होती है तो तापमान में और कमी आएगी तथा लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
प्रशासन ने भी मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। तेज बारिश के दौरान नदी, तालाब और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी गई है। वाहन चालकों को भी खराब मौसम के दौरान सावधानी से वाहन चलाने और दृश्यता कम होने पर गति नियंत्रित रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार बारिश और नमी के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को साफ पानी पीने, स्वच्छ भोजन करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक जाने से बचने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी बिहार के कई जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसलिए लोगों को मौसम से संबंधित आधिकारिक बुलेटिन पर नजर बनाए रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य के 30 जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। यदि पूर्वानुमान के अनुसार बारिश होती है तो उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच वर्षा का अंतर कुछ हद तक कम हो सकता है। साथ ही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है। हालांकि वज्रपात और तेज आंधी की आशंका को देखते हुए नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।


