सुल्तानगंज गोलीकांड: सभापति राजकुमार गुड्डू की हालत अब भी नाजुक, शरीर में फंसी हैं दो गोलियां; पटना के अस्पताल में चल रहा है संघर्ष

सुल्तानगंज/पटना। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में बीते मंगलवार को हुए भीषण गोलीकांड के जख्म अब भी हरे हैं। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए नगर परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू पिछले कई दिनों से मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष कर रहे हैं। ताजा अपडेट के अनुसार, उनकी स्थिति में अब तक कोई विशेष सुधार दर्ज नहीं किया गया है। सभापति वर्तमान में पटना के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जहाँ विशेषज्ञों की एक टीम उनकी चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि हमले के दौरान उनके शरीर में लगी दो गोलियां अब भी अंदर ही फंसी हुई हैं। डॉक्टरों के लिए इन गोलियों को निकालना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है क्योंकि सभापति के शारीरिक मानक (विटल्स) फिलहाल किसी भी बड़े ऑपरेशन की अनुमति नहीं दे रहे हैं। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि सुल्तानगंज की पूरी जनता उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है।

चिकित्सकीय चुनौतियां और ऑपरेशन में देरी

​सभापति के साथ पटना में मौजूद पार्षद प्रतिनिधि सुभाष पोद्दार ने बताया कि अस्पताल के डॉक्टर राजकुमार गुड्डू की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, शरीर में फंसी गोलियों को निकालने के लिए ऑपरेशन किया जाना अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान में उनकी शारीरिक स्थिति इसके अनुकूल नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, सभापति का ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) और ऑक्सीजन का स्तर लगातार अस्थिर बना हुआ है। ऐसी नाजुक स्थिति में उन्हें बेहोश करना या सर्जरी की प्रक्रिया शुरू करना जानलेवा साबित हो सकता है।

​चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही उनके ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन की स्थिति सामान्य और स्थिर होगी, तुरंत ऑपरेशन कर गोलियों को बाहर निकाला जाएगा। शरीर में खून की कमी को पूरा करने के लिए उन्हें हर दिन रक्त (ब्लड) चढ़ाया जा रहा है। परिजन अस्पताल के गलियारों में पल-पल की खबर का इंतजार कर रहे हैं और उनकी चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि समय बीतने के साथ संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।

नेताओं और अधिकारियों का जमावड़ा: स्वास्थ्य का हाल जानने पहुँचे दिग्गज

​राजकुमार गुड्डू की राजनैतिक और सामाजिक लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटना के अस्पताल में उनसे मिलने और उनके परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लगातार दिग्गजों का तांता लगा हुआ है। शुक्रवार को बिहार की राजनीति के कई प्रमुख चेहरों ने अस्पताल पहुँचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनके इलाज के बारे में विस्तृत चर्चा की। अश्विनी चौबे ने भरोसा दिलाया कि बेहतर इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

​इसके अलावा भाजपा नेता मृणाल शेखर और जदयू नेत्री कहकशां परवीन भी पटना स्थित अस्पताल पहुँचीं और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) ने भी सभापति के परिजनों से फोन पर संपर्क कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना है और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। जनप्रतिनिधियों के इस दौरे से परिवार को कुछ संबल मिला है, लेकिन मुख्य चिंता अब भी राजकुमार गुड्डू की स्थिरता को लेकर बनी हुई है।

सुल्तानगंज में दुआओं का दौर और सन्नाटा

​जैसे-जैसे सभापति की हालत में सुधार न होने की खबरें सुल्तानगंज पहुँच रही हैं, पूरे शहर में मायूसी छा गई है। मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में हुई उस खौफनाक वारदात को लोग अब तक भूल नहीं पाए हैं, जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी की जान चली गई थी। अब शहर के लोग अपने सभापति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। सुल्तानगंज के विभिन्न मंदिरों और इबादतगाहों में उनके शुभचिंतक अपने-अपने इष्ट देव से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं।

​शहर के हर चौक-चौराहे और चाय की दुकानों पर राजकुमार गुड्डू के व्यवहार की चर्चा हो रही है। लोग याद कर रहे हैं कि वे कितने मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी हैं। आम जनता से उनका सीधा जुड़ाव और हमेशा मदद के लिए तैयार रहने की उनकी छवि ने उन्हें लोगों का प्रिय बना दिया है। लोगों का कहना है कि सुल्तानगंज ने एक ईमानदार अधिकारी खो दिया है, अब वे अपने जनप्रतिनिधि को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहते।

घटना की पृष्ठभूमि और सुरक्षा पर सवाल

​उल्लेखनीय है कि 28 अप्रैल 2026 को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुसकर अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है और उसके गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

​अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे राजकुमार गुड्डू के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि उनके विटल्स स्थिर होते हैं, तो सर्जरी की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। फिलहाल, भागलपुर से लेकर पटना तक की निगाहें मेडिकल बुलेटिन पर टिकी हुई हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी कोशिश कर रहा है कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा मिले ताकि वे जल्द से जल्द स्वस्थ होकर वापस सुल्तानगंज लौट सकें और शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ा सकें।

  • ये भी पढ़े..

    भरत तिवारी प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई हो : अश्विनी चौबे

    Share Add as a preferred…

    भागलपुर में धूमधाम से मनाया गया राहुल गांधी का 57वां जन्मदिन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काटा केक

    Share Add as a preferred…