​दो दशक बाद बदला नीतीश कुमार का सियासी पता; एक अणे मार्ग छोड़ अब ‘सात सर्कुलर रोड’ बना नया ठिकाना

पटना। बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों से सत्ता का सबसे बड़ा केंद्र रहा ‘एक अणे मार्ग’ अब अतीत की यादों का हिस्सा बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करीब 20 वर्षों तक मुख्यमंत्री आवास में रहने के बाद आखिरकार उसे अलविदा कह दिया है। बिहार के राजनैतिक इतिहास में यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि एक अणे मार्ग की पहचान लंबे समय तक नीतीश कुमार के पर्याय के रूप में रही थी। अब उनका नया आधिकारिक पता ‘सात सर्कुलर रोड’ स्थित आवास हो गया है। नीतीश कुमार शुक्रवार की रात को ही अपने इस नए ठिकाने पर पूरी तरह शिफ्ट हो गए। इस बदलाव के साथ ही पटना के सर्कुलर रोड की रौनक एक बार फिर बढ़ गई है, क्योंकि अब बिहार की राजनीति के एक महत्वपूर्ण स्तंभ का नया सचिवालय और निवास यहीं से संचालित होगा।

एक मई की रात और शिफ्टिंग का सिलसिला

​नीतीश कुमार के नए आवास में जाने की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एक मई को ही उनके सारे जरूरी सामान और व्यक्तिगत वस्तुओं को नए आवास में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। शुक्रवार की रात उन्होंने मुख्यमंत्री आवास को छोड़कर सात सर्कुलर रोड स्थित बंगले में प्रवेश किया। दो दशकों का साथ छूटने के साथ ही एक अणे मार्ग अब नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो गया है। सामानों की शिफ्टिंग के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए और कई ट्रकों के जरिए सामानों को एक स्थान से दूसरे स्थान पहुँचाया गया। शुक्रवार की देर रात नीतीश कुमार ने अपनी नई पारी की शुरुआत इसी नए पते से की।

इस्तीफे के बाद हुआ आवास का आवंटन

​नीतीश कुमार को सात सर्कुलर रोड का यह बंगला मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद आवंटित किया गया है। नियमतः पूर्व मुख्यमंत्रियों को रहने के लिए सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाता है। चूंकि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी से मुक्त हो चुके हैं, इसलिए उन्होंने संवैधानिक मर्यादा और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सरकारी आवास खाली करने का निर्णय लिया। सात सर्कुलर रोड का यह बंगला पहले भी कई महत्वपूर्ण राजनैतिक हस्तियों का ठिकाना रहा है, लेकिन अब नीतीश कुमार के आने से इसकी महत्ता और बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से इस बंगले को पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा और जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है।

15 दिनों तक चला निर्माण और व्यक्तिगत निगरानी

​सात सर्कुलर रोड स्थित इस आवास को नीतीश कुमार की पसंद और सुरक्षा मानकों के अनुरूप ढालने के लिए पिछले 15 दिनों से यहाँ युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान नीतीश कुमार ने खुद कई बार यहाँ का दौरा किया और हो रहे कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। निर्माण कार्य में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री को यहाँ किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यालय कक्ष से लेकर बैठक कक्ष तक को नया रूप दिया गया है। नीतीश कुमार स्वयं वहाँ मौजूद रहकर निर्माण कार्यों की प्रगति देखते रहे और आवश्यक निर्देश देते रहे, ताकि उनके शिफ्ट होने से पहले सारी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हो जाएं।

नये ठिकाने पर पहले मेहमान: सम्राट चौधरी की मुलाकात

​नीतीश कुमार के नए आवास पर शिफ्ट होने के अगले ही दिन, यानी शनिवार को, बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उनसे मिलने पहुँचे। यह मुलाकात सात सर्कुलर रोड स्थित नए आवास पर हुई और करीब आधे घंटे तक दोनों नेताओं के बीच बातचीत का सिलसिला चला। सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नए आवास में प्रवेश पर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक माहौल में चर्चा हुई। सम्राट चौधरी का नीतीश कुमार के नए पते पर पहुँचना राजनैतिक शिष्टाचार की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। आधे घंटे की इस मुलाकात के दौरान कई समसामयिक विषयों पर भी चर्चा होने की खबर है, जिसने राज्य के राजनैतिक हलकों में चर्चाओं को फिर से बल दे दिया है।

सत्ता के गलियारे में नया बदलाव

​नीतीश कुमार का एक अणे मार्ग से सात सर्कुलर रोड शिफ्ट होना केवल घर बदलना नहीं है, बल्कि यह बिहार की सत्ता संरचना में आए बदलाव का एक भौतिक प्रमाण भी है। एक अणे मार्ग वह स्थान है जहाँ से पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास और प्रशासन से जुड़े हजारों बड़े फैसले लिए गए। अब जब सम्राट चौधरी वहाँ रहने जा रहे हैं और नीतीश कुमार का पता बदल गया है, तो इसे बिहार की नई राजनैतिक दिशा के रूप में भी देखा जा रहा है। सात सर्कुलर रोड अब राज्य का नया ‘वीआईपी’ ज़ोन बन गया है, जहाँ आने वाले दिनों में जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहने की उम्मीद है। आवास आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नीतीश कुमार इसी पते से अपनी भविष्य की राजनैतिक गतिविधियों का संचालन करेंगे।

वॉयस ऑफ बिहार (VOB) न्यूज़ डेस्क की विशेष रिपोर्ट।

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