शेखपुरा : घर पर माता-पिता की ‘नेम प्लेट’ लगाई तो दलित परिवार को बेरहमी से पीटा; दहशत में घर छोड़ भागे पीड़ित

द वॉयस ऑफ बिहार | शेखपुरा/सदर

​बिहार के शेखपुरा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जो आधुनिक समाज और सुशासन के दावों पर गहरा तमाचा है। सदर थाना क्षेत्र के पैन गांव में एक दलित परिवार को सिर्फ इसलिए दबंगों के कहर का सामना करना पड़ा क्योंकि उन्होंने अपने ही नवनिर्मित मकान के मुख्य द्वार पर अपने माता-पिता के नाम की ‘नेम प्लेट’ लगवाई थी। दबंगों को एक दलित परिवार का यह सम्मान नागवार गुजरा और उन्होंने पूरे परिवार की बेरहमी से पिटाई कर दी।

खुशियों वाले घर में पसरा सन्नाटा

​पीड़ित सोनू पासवान के अनुसार, उनके बड़े भाई प्रधुमन पासवान की जल्द ही शादी होने वाली है। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और पेंटिंग का काम अंतिम चरण में था। इसी खुशी में पिता महेश पासवान ने अपने माता-पिता (बुजुर्गों) के सम्मान में घर के आगे एक ग्रेनाइट की नेम प्लेट लगवाई थी। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि अपने पूर्वजों को सम्मान देना उनके लिए काल बन जाएगा।

नेम प्लेट देखते ही भड़के दबंग, घर में घुसकर की मारपीट

​सोनू पासवान ने बताया कि जैसे ही गांव के कुछ दबंगों की नजर उस नेम प्लेट पर पड़ी, वे आगबबूला हो गए। उनके अनुसार:

  • दबंगों की दलील: दबंगों का मानना था कि एक दलित परिवार को इस तरह शान से नाम लिखवाने का हक नहीं है।
  • हमला: लाठी-डंडों से लैस होकर आए दबंगों ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को जातिसूचक गालियां दीं और जमकर मारपीट की।
  • पलायन: मारपीट और जान से मारने की धमकी के बाद पूरा परिवार इतना भयभीत हो गया कि पिछले दो दिनों से वे अपने गांव नहीं लौटे हैं। फिलहाल सभी घायल सदस्य शेखपुरा शहर में छिपकर अपना इलाज करा रहे हैं।

एसपी से लगाई न्याय की गुहार

​मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित परिवार अपनी आपबीती सुनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुँचा। सोनू पासवान और उनके परिजनों ने एसपी को लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई।

पीड़ित का बयान: “हम अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं। हमारे बुजुर्गों का नाम पट्टी पर देख उन्हें आपत्ति है। अब हम गांव जाने से डर रहे हैं।”

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल

​सदर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है और जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, घटना के दो दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना और पीड़ित परिवार का दर-दर भटकना स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।

  • ये भी पढ़े..

    जमालपुर लोको शेड में डीएम वाटर प्लांट फिर हुआ चालू, एल्को इंजनों की विश्वसनीयता और अनुरक्षण क्षमता बढ़ेगी

    Share Add as a preferred…

    पूर्वी चंपारण में अवैध कारतूस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 500 से ज्यादा कारतूस बरामद कर 4 आरोपियों को दबोचा

    Share Add as a preferred…