
जमालपुर: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने लोकोमोटिव अनुरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए जमालपुर लोको शेड में स्थित डीमिनरलाइज्ड (डीएम) वाटर प्लांट का सफलतापूर्वक पुनरुद्धार कर उसे फिर से चालू कर दिया है। वर्ष 2020 से बंद पड़ा यह संयंत्र 20 जुलाई 2026 से दोबारा संचालित हो गया है।
उच्च गुणवत्ता वाला डीएम जल मिलेगा
रेलवे के अनुसार, पुनः चालू किए गए डीएम वाटर प्लांट से एल्को लोकोमोटिवों के अनुरक्षण के लिए उच्च गुणवत्ता वाला डीमिनरलाइज्ड जल उपलब्ध होगा। यह जल लोकोमोटिव के शीतलन तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और स्केल जमने, संक्षारण तथा आंतरिक जमाव को रोकने में मदद करता है।
इंजन की कार्यक्षमता और सेवा-आयु बढ़ेगी
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक डीएम जल के उपयोग से शीतलन क्षमता में सुधार होगा, इंजन के महत्वपूर्ण पुर्जों की कार्यक्षमता और सेवा-आयु बढ़ेगी तथा अनुरक्षण की आवश्यकता कम होगी। इससे लोकोमोटिवों की समग्र विश्वसनीयता भी बेहतर होगी।
रेल परिचालन को मिलेगा लाभ
डीएम वाटर प्लांट के पुनरुद्धार से जमालपुर लोको शेड की अनुरक्षण क्षमता मजबूत होगी, उपकरणों के निष्क्रिय रहने की अवधि घटेगी और यात्री व मालगाड़ियों के संचालन के लिए लोकोमोटिवों की उपलब्धता में सुधार होगा।
अधिकारियों ने सराहे कर्मचारियों के प्रयास
डीएम वाटर प्लांट का पुनरुद्धार मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, मालदा तथा राकेश कुमार, मुख्य प्रेरक शक्ति अभियंता (डीजल एवं आपदा प्रबंधन), पूर्व रेलवे के मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्य का पर्यवेक्षण कृष्ण कुमार दास, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (डीजल), जमालपुर ने किया।
मंडल रेल प्रबंधक ने इस कार्य में योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि अनुरक्षण अवसंरचना के आधुनिकीकरण और सुरक्षित, विश्वसनीय तथा दक्ष रेल परिचालन के लिए ऐसी नवाचारी और लागत-प्रभावी पहल आगे भी जारी रहेंगी।
नोट: यह समाचार पूर्व रेलवे, मालदा मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।


