बिहार में “बेचारा” विवाद: ब्राह्मण बनाम पासवान?

बिहार में “बेचारा” शब्द को लेकर राजनीति का विवाद बढ़ता जा रहा है। मामला तब शुरू हुआ जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक सर्वजीत कुमार ने विधानसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान को ‘बेचारा पासवान’ कहा। इसके बाद लोजपा रामविलास के विधायक राजू तिवारी ने विधानसभा के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

राजू तिवारी का बयान

राजू तिवारी ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा कि “बेचारा” शब्द पर विवाद RJD की नीति और नियत का दुर्भाग्य है। उन्होंने बताया कि उनके नेता चिराग पासवान और उनके पिता रामविलास पासवान का हमेशा यही उद्देश्य रहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की बात की जाए।

राजू तिवारी ने RJD पर जातीय उन्माद फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा:

“ये लोग जाति और मजहब की राजनीति करते हैं। हमारा फोकस समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त करना है।”

आरजेडी पर आरोप

उन्होंने आरजेडी नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी “गिरगिट की तरह रंग बदलने” वाली है। राजू तिवारी ने सर्वजीत कुमार को याद दिलाया कि उन्हें पहली बार विधानसभा का सदस्य बनने का अवसर रामविलास पासवान ने ही दिया था।

मामला क्या है?

दरअसल, सर्वजीत कुमार ने रामविलास पासवान को ‘बेचारा’ कहा और साथ ही पटना में उनकी प्रतिमा लगाने की मांग की। इस पर लोजपा के राजू तिवारी भड़क गए और उन्होंने इसे अपमानजनक बताया।

विवाद क्यों बढ़ा?

RJD नेताओं ने राजू तिवारी पर आरोप लगाया कि ब्राह्मण होकर वे पासवान का मर्म समझ नहीं सकते। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जब दिल्ली में रामविलास पासवान की प्रतिमा हटाई जा रही थी, तब राजू तिवारी ने मौन साध रखा था।

राजू तिवारी ने इस पूरे विवाद को जातीय राजनीति और भाषाई उन्माद का उदाहरण बताया और कहा कि उनका मकसद केवल समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की मदद करना है।


 

  • ये भी पढ़े..

    कहलगांव में विश्व जनसंख्या दिवस पर चला शक्ति संवाद अभियान, 84 विद्यालयों में बाल विवाह रोकने और बेटियों को सशक्त बनाने का संदेश

    Share Add as a preferred…

    75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को घर बैठे मिलेगी संपत्ति निबंधन सेवा, बिहार में शुरू हुई नई डिजिटल व्यवस्था

    Share Add as a preferred…