
भागलपुर जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर “सहयोग शिविर” आयोजित करने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस योजना के क्रियान्वयन, व्यवस्थाओं और व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 19 मई 2026 से जिले की पंचायतों में सहयोग शिविरों का आयोजन शुरू किया जाएगा। इन शिविरों में जिला स्तरीय पदाधिकारी, सिविल प्रशासन के अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी स्वयं उपस्थित रहेंगे और आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनका मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी, जिससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि सहयोग शिविरों की एक विशेष व्यवस्था यह भी होगी कि आम लोग अपनी समस्याएं शिविर आयोजित होने से पहले ही पंचायत सरकार भवन में स्थापित कैंप में जमा कर सकते हैं। इन समस्याओं को प्रतिदिन संकलित किया जाएगा और संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान किया जाएगा। इससे समस्याओं के निष्पादन की प्रक्रिया और अधिक तेज एवं व्यवस्थित होगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक व्यक्ति को उसकी समस्या का समाधान समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले। इस दिशा में सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी समस्या का समाधान लंबित न रहे। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि आम जनता को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में सहयोग शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इस योजना की जानकारी हर पंचायत तक पहुंचे, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस पूरी व्यवस्था की निगरानी माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी, जिससे इसकी प्रभावशीलता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा को मजबूत किया जाए। जहां भी बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त है, उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए। इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से प्रवेश द्वार, पदाधिकारी कक्ष और कर्मचारियों के बैठने वाले स्थानों पर कैमरे स्थापित किए जाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रखंड स्तर पर सुरक्षा की निगरानी की जिम्मेदारी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी को दी गई है।
जिलाधिकारी ने जिले के पर्यटन स्थलों के विकास और सुरक्षा पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, वहां तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। इस कार्य में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने पर भी जोर दिया गया, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके और जिले की पहचान मजबूत हो।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव ने भी सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि गार्ड की उपस्थिति, कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था, रात्रि प्रहरी की सक्रियता और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु बिना जांच के कार्यालय परिसर में प्रवेश न करे। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के दोनों ओर स्थित क्षेत्रों में थाना प्रभारी और सेक्टर पदाधिकारियों को डायल 112 का नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात स्थिति में लोग तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक नवगछिया एवं उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सिंह ने भी अपने सुझाव साझा किए और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर बल दिया।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) श्री राकेश रंजन, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री राजकुमार शर्मा सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधीक्षक नवगछिया एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी भी बैठक में जुड़े रहे।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ सहयोग शिविरों को सफल बनाएं, ताकि आम जनता को उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान मिल सके और प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो।


