
भागलपुर जिले के पीरपैंती क्षेत्र में निर्माणाधीन अदाणी पावर प्लांट परियोजना का आज बिहार सरकार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने विस्तृत निरीक्षण किया। यह दौरा राज्य सरकार की ऊर्जा क्षेत्र में चल रही महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी के क्रम में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना, कार्यों में तेजी लाना तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को पूर्ण कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।
मुख्य सचिव के आगमन पर परियोजना स्थल पर उनका स्वागत गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया। इसके पश्चात उन्होंने सीधे निर्माणाधीन पावर प्लांट परिसर का निरीक्षण किया और विभिन्न इकाइयों में चल रहे कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, मशीनरी की स्थिति तथा श्रमिकों की कार्य-परिस्थिति से संबंधित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और अभियंताओं से सीधे संवाद कर मौके पर ही आवश्यक सुझाव और निर्देश दिए।
निरीक्षण के उपरांत मुख्य सचिव ने परियोजना प्रबंधन टीम, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति, कार्यों की समय-सीमा, संसाधनों की उपलब्धता तथा संभावित चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि परियोजना के सभी कार्यों में तेजी लाई जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को अत्यंत प्राथमिकता दे रही है और इसके सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक या तकनीकी अड़चन आती है तो उसे तुरंत उच्च स्तर पर साझा किया जाए, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
इस अवसर पर भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने भी परियोजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य में ऊर्जा की उपलब्धता को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयासरत है और पीरपैंती में बन रहा यह पावर प्लांट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल बिजली की आपूर्ति में सुधार होगा, बल्कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
जिलाधिकारी ने आगे कहा कि यह परियोजना स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। निर्माण कार्यों के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार मिला है और परियोजना के चालू होने के बाद भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार की परियोजनाओं का समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना बिहार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए बड़े स्तर पर निवेश एवं आधारभूत ढांचे के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
दौरे के दौरान मुख्य सचिव एवं अन्य अधिकारियों ने पावर प्लांट परिसर में पर्यावरण संरक्षण के संदेश के तहत सिंदूर के पौधे का पौधारोपण भी किया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, इसलिए हर परियोजना में हरित पहल को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
इस महत्वपूर्ण दौरे में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें श्री पंकज कुमार पाल, सचिव, सड़क निर्माण विभाग, श्री राहुल कुमार, प्रबंध निदेशक, बीएसपीजीसीएल, श्री कपिल अशोक शीर्षत, प्रबंध निदेशक, बीएसआरडीसीएल, डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर तथा श्री प्रमोद कुमार यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी शामिल थे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों की स्थिति से मुख्य सचिव को अवगत कराया और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की।
अंत में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों और परियोजना से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें, ताकि राज्य के लोगों को शीघ्र ही इसका लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना की नियमित समीक्षा की जाएगी और प्रगति की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी।
इस प्रकार मुख्य सचिव का यह दौरा न केवल परियोजना की प्रगति को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा, बल्कि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगा।


