
Narendra Kumar Singh उर्फ बोगो सिंह के अचानक Janata Dal (United) प्रदेश कार्यालय पहुंचने से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मटिहानी से Rashtriya Janata Dal विधायक बोगो सिंह ने बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar से मुलाकात की, जिसके बाद उनके जेडीयू में वापसी की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि मीडिया से बातचीत में बोगो सिंह ने राजनीतिक अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि वे केवल अपने क्षेत्र के अस्पताल से जुड़े मुद्दों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से मिलने पहुंचे थे।
“अस्पताल की समस्या लेकर आया था”
बोगो सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने गांव और कर्मक्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से अस्पताल बनवाया था, लेकिन आज वहां बदहाल स्थिति है। उन्होंने बताया कि अस्पताल को स्वास्थ्य उपकेंद्र बना दिया गया है और सुविधाओं के अभाव में हालत खराब है।
उन्होंने कहा,
“स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल से जुड़े मामलों पर बातचीत हुई है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।”
JDU कार्यालय पहुंचने से बढ़ी चर्चा
बताया जा रहा है कि पहले बोगो सिंह स्वास्थ्य मंत्री के विभागीय कार्यालय गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में जानकारी मिली कि मंत्री जेडीयू कार्यालय में जनता दरबार लगा रहे हैं, जिसके बाद वे वहां पहुंचे।
लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को सिर्फ “अस्पताल मुद्दा” मानने को लोग तैयार नहीं दिख रहे। खासकर ऐसे समय में जब बिहार में एमएलसी चुनाव की घोषणा हो चुकी है और दल-बदल की चर्चाएं तेज हैं।
क्या फिर JDU में लौटेंगे बोगो सिंह?
Narendra Kumar Singh लंबे समय तक जेडीयू में रहे थे। बाद में 2025 विधानसभा चुनाव से पहले वे आरजेडी में शामिल हुए और मटिहानी सीट से जीत दर्ज की। अब उनके अचानक जेडीयू कार्यालय पहुंचने से “घर वापसी” की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हाल के दिनों में कई नेताओं के पाला बदलने की चर्चा के बीच इस मुलाकात ने बिहार की सियासत को और गर्म कर दिया है।


