पटना: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में इन दिनों खलबली मची हुई है। जिलों में जाकर आम लोगों की शिकायतें सुन रहे डिप्टी सीएम और विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ अंचलाधिकारियों के संगठन बिहार राजस्व सेवा संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि जनसंवाद कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जा रहा है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो अधिकारी उनके कार्यक्रमों का बहिष्कार करेंगे।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि उनका काम करने का तरीका नहीं बदलेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा, “जब तक मैं इस विभाग में हूं, इसी तरह काम करता रहूंगा। आपको अच्छा लगे या बुरा, मेरा स्टाइल यही रहेगा। हम जनता के हित के लिए बैठे हैं, अधिकारियों के हित के लिए नहीं।”
अराजकता बर्दाश्त नहीं
विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य में किसी भी तरह की अराजकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और जनता को सुशासन का लाभ मिले। “अराजकता हम नहीं स्वीकार करेंगे। व्यवस्था और अनुशासन के साथ ही विकास संभव है,” उन्होंने कहा।
जनता की सेवा ही प्राथमिकता
डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्हें जनता की सेवा का अवसर मिला है और जब तक वे इस विभाग में रहेंगे, पूरी निष्ठा के साथ जनता के हित में काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “जितने दिन विजय सिन्हा इस विभाग में हैं, उतने दिन जनता के हित में काम किया जाएगा। सेवा ही मेरी प्राथमिकता है।”
ईमानदार अधिकारियों को मिलेगा लाभ
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी से काम करते हैं, उन्हें इसका पूरा लाभ मिलेगा। वहीं, गलत काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। “जो सही तरीके से काम करता है, उसे लाभ मिलता है। इसमें कोई भेदभाव नहीं है,” विजय सिन्हा ने कहा।
दबाव की राजनीति से इनकार
दबाव की राजनीति को लेकर डिप्टी सीएम ने साफ कहा कि वे किसी भी तरह के दबाव में काम नहीं करते। “मैं दबाव में कोई काम नहीं करता। जो काम नियम और कानून के तहत सही होगा, वही किया जाएगा,” उन्होंने दोहराया।
भूमि विवाद और फर्जीवाड़े पर सख्त रुख
भूमि विवादों पर बात करते हुए विजय सिन्हा ने कहा कि इससे न्यायालयों पर अत्यधिक बोझ पड़ रहा है और इसे कम करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों के कारण आम लोगों को वर्षों तक परेशानी झेलनी पड़ती है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने वालों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोग “420 का खेल” खेल रहे हैं और उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार
विजय सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग में किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाता। उन्होंने कहा, “न तो किसी को गाली दी जाती है और न ही किसी का अपमान किया जाता है। सभी के साथ नियमों के तहत सम्मानजनक व्यवहार किया जाता है।”
कुल मिलाकर, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की यह प्रतिक्रिया सरकार की ओर से एक स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में सुशासन, पारदर्शिता और कानून के दायरे में रहकर ही काम होगा, चाहे इसके लिए सख्ती ही क्यों न बरतनी पड़े।


