राबड़ी देवी के आवास खाली करने पर सियासत तेज, JDU ने उठाए तहखाने और गुप्त दस्तावेजों के सवाल

पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास से गुरुवार रात सामान शिफ्ट किए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। इस पूरे मामले पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

10 सर्कुलर रोड को लेकर राजनीति

बिहार की राजनीति में 10 सर्कुलर रोड पिछले तीन दशकों से अहम केंद्र रहा है। पहले यहां राबड़ी देवी के भाई साधु यादव रहा करते थे। पिछले करीब 20 वर्षों से यह सरकारी आवास पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम पर आवंटित है। हालांकि, नई सरकार के गठन के बाद भवन निर्माण विभाग ने उन्हें यह आवास खाली करने का आदेश दिया है। राबड़ी देवी को इसके बदले 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है।

‘आवास में तहखाना और गुप्त दस्तावेज’ का दावा

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने दावा किया है कि 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में तहखाना है, जहां खजाना और गुप्त दस्तावेज छिपाए गए हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से आवास की खुदाई कराने तक की मांग कर दी।

नीरज कुमार ने कहा, “आवास खाली करने की जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी। फिर भी मोह और माया क्यों नहीं छूट रही? क्या वहां तहखाना है? मुझे लगता है कि जरूर कुछ गुप्त दस्तावेज हैं, इसी वजह से देरी हो रही है।”

रात में शिफ्टिंग पर सवाल

नीरज कुमार ने रात के अंधेरे में सामान शिफ्ट किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मकान खाली करना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन सरकारी सामान की सूची बनाई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी तरह से सरकारी संपत्ति को निजी तौर पर न ले जाया जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि “भ्रष्टाचार का किला” कहे जाने वाले महुआबाग से सरकारी सामान को शिफ्ट करने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यह गरीबों के टैक्स का पैसा है और इसे कोई भी बिना अधिकार नहीं ले जा सकता।

सरकार से कड़ी निगरानी की मांग

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि लालू प्रसाद यादव को 10 सर्कुलर रोड छोड़कर कौटिल्यनगर या शेखपुरा में उपलब्ध जमीन पर जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पटना में लालू परिवार के पास पर्याप्त जमीन है और 39 हार्डिंग रोड का आवास भी राबड़ी देवी के नाम पर आवंटित किया गया है।

नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसलिए सरकारी संपत्ति को ले जाना आसान नहीं है। “जो भी ले जाया जाएगा, उसका हिसाब देना होगा,” उन्होंने कहा।

लालू प्रसाद को लेकर जताई चिंता

नीरज कुमार ने यह आशंका भी जताई कि आवास खाली कराए जाने की प्रक्रिया के दौरान लालू प्रसाद यादव को प्रताड़ित किया जा रहा हो सकता है। उन्होंने लालू यादव को सलाह दी कि यदि किसी तरह की परेशानी हो, तो भरण-पोषण अधिनियम के तहत जिलाधिकारी से शिकायत की जा सकती है।

गुरुवार रात से शुरू हुआ सामान शिफ्ट करने का काम

बताया जा रहा है कि 25 दिसंबर की रात से 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर छोटी-छोटी गाड़ियों के जरिए सामान शिफ्ट किया जा रहा है। गाड़ियों में घर का सामान और पेड़-पौधे लदे देखे गए। आरजेडी सूत्रों के मुताबिक, धीरे-धीरे सारा सामान नए आवास में शिफ्ट किया जाएगा।

पहले ही मिल चुका था नोटिस

गौरतलब है कि बिहार में नई सरकार बनने के बाद 25 नवंबर 2025 को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करने का नोटिस भेजा था। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था और आरजेडी लगातार बंगला खाली न करने की बात कह रही थी। हालांकि, अब आवास खाली करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।


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