
पटना: बिहार सरकार ने पारिवारिक भूमि बंटवारे से जुड़ी जटिल और लंबी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है। राज्य में आज से बंटवारा दाखिल-खारिज पोर्टल की शुरुआत कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत अब एक ही आवेदन में परिवार के सभी सदस्यों के नाम जमाबंदी कायम हो सकेगी। इससे आम रैयतों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
यदि आवेदन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003456215 पर कॉल कर जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
भूमि सुधार की दिशा में बड़ा कदम
नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक सुधारों को लेकर तेजी देखने को मिल रही है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के संकल्प के अनुरूप बिहार सरकार लगातार जनहित में फैसले ले रही है। इसी क्रम में भूमि सुधार के क्षेत्र में यह नई व्यवस्था लागू की गई है, जो वर्षों से चली आ रही बंटवारा और दाखिल-खारिज की समस्याओं का समाधान करेगी।
अब एक आवेदन में पूरे परिवार की जमाबंदी
अब तक पारिवारिक भूमि के बंटवारे के बाद हर हिस्सेदार को अलग-अलग अपने हिस्से की जमीन का दाखिल-खारिज कराना पड़ता था। यह प्रक्रिया समयसाध्य होने के साथ-साथ तकनीकी अड़चनों के कारण लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती थी। नई व्यवस्था में एक ही दाखिल-खारिज आवेदन से परिवार के सभी सदस्यों की जमाबंदी संभव होगी, जिससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
बिहार भूमि पोर्टल के तहत लागू होगी सुविधा
यह नई व्यवस्था बिहार भूमि पोर्टल के अंतर्गत दाखिल-खारिज सेवा में लागू की गई है। नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपनी जमीन से जुड़ी जमाबंदी की स्थिति आसानी से देख पाएंगे। डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी।
मौखिक बंटवारे को मिलेगा कानूनी आधार
सरकार ने उन रैयतों से विशेष अपील की है, जिन्होंने अब तक मौखिक बंटवारे के आधार पर जमीन का उपयोग किया है। मौखिक बंटवारे के कारण भविष्य में पारिवारिक विवाद उत्पन्न होते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाई आती है। नई व्यवस्था के तहत मौखिक बंटवारे को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर कागजी रूप दिया जा सकेगा, जिससे विवादों की संभावना कम होगी।
भूमि विवादों में आएगी कमी
बिहार में भूमि विवाद एक बड़ी समस्या रहे हैं। पारिवारिक बंटवारे के स्पष्ट दस्तावेज़ नहीं होने से मामले अदालतों तक पहुंच जाते हैं। बंटवारा दाखिल-खारिज पोर्टल से भूमि विवादों में कमी आने और लोगों को समय पर राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दलालों पर लगेगा अंकुश
नई ऑनलाइन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों की भूमिका पर भी रोक लगेगी। पहले जानकारी के अभाव में लोग बिचौलियों पर निर्भर रहते थे, जिससे अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता था। अब हेल्पलाइन और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से नागरिक सीधे सरकारी सेवा से जुड़ सकेंगे।
आम रैयतों के हित में दूरगामी पहल
कुल मिलाकर, बंटवारा दाखिल-खारिज पोर्टल की शुरुआत को आम रैयतों के हित में एक बड़ा और दूरगामी कदम माना जा रहा है। इससे भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, पारिवारिक शांति कायम होगी और सामाजिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी। सरकार की यह पहल भूमि सुधार के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करेगी।


