पटना में दोस्ती के नाम पर दरिंदगी: नर्सिंग छात्रा का अश्लील वीडियो बनाकर किया यौन शोषण, ब्लैकमेल कर वसूले हजारों रुपये

पटना सिटी। बिहार की राजधानी पटना के शैक्षणिक गलियारों से विश्वासघात और यौन प्रताड़ना का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने छात्र-छात्राओं के बीच पनपने वाले आपसी विश्वास और मित्रता को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पटना सिटी स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) के बीएससी नर्सिंग कॉलेज की एक छात्रा ने अपने ही एक सहपाठी और दोस्त पर शादी का झांसा देकर न केवल अस्मत लूटने, बल्कि डिजिटल हथियारों के जरिए उसे मानसिक और आर्थिक रूप से कंगाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह वारदात उस समय उजागर हुई जब प्रताड़ना की इंतहा हो गई और पीड़िता ने समाज के लोकलाज के डर को त्यागकर कानून का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया। सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को आलमगंज थाना में दर्ज कराई गई इस शिकायत ने कॉलेज परिसर में हड़कंप मचा दिया है। आरोपी ने न केवल पवित्र मित्रता के रिश्ते को कलंकित किया, बल्कि तकनीक का दुरुपयोग कर एक उभरती हुई स्वास्थ्यकर्मी की जिंदगी को नर्क बनाने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी शुरू कर दी है।

दोस्ती से लेकर ‘डिजिटल ट्रैप’ तक की खौफनाक दास्तां

​पीड़िता और आरोपी दोनों एनएमसीएच के बीएससी नर्सिंग कॉलेज में एक साथ पढ़ाई कर रहे थे। सहपाठी होने के नाते उनके बीच जान-पहचान हुई, जो धीरे-धीरे प्रगाढ़ मित्रता में तब्दील हो गई। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि आरोपी ने उसे अपने प्रेम के जाल में फंसाया और बार-बार शादी करने का वादा कर उसका भरोसा जीत लिया। इसी भरोसे की आड़ में आरोपी ने कुछ आपत्तिजनक क्षणों को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। शुरुआत में इसे केवल आपसी विश्वास का हिस्सा बताया गया, लेकिन जल्द ही आरोपी ने अपने असली और भयानक रंग दिखाने शुरू कर दिए।

​जब छात्रा ने शादी की बात आगे बढ़ानी चाही, तो आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उसने उन अश्लील फोटो और वीडियो को हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। आरोपी ने धमकी दी कि यदि छात्रा ने उसकी बात नहीं मानी, तो वह इन आपत्तिजनक दृश्यों को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा और उसके परिवार व कॉलेज में उसे बदनाम कर देगा। बदनामी के इसी डर ने छात्रा को एक ऐसे दुष्चक्र में धकेल दिया, जहाँ वह न चाहते हुए भी आरोपी की हर नाजायज मांग को मानने के लिए मजबूर होती गई।

ब्लैकमेलिंग और 50 हजार की वसूली: अपराध का आर्थिक पहलू

​इस मामले की गंभीरता केवल शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें आर्थिक उगाही का भी एक बड़ा एंगल सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे अलग-अलग किश्तों में कुल 50 हजार रुपये की मांग की और उन्हें जबरन वसूला। छात्रा अपनी पढ़ाई और भविष्य को सुरक्षित रखने की खातिर अपनी जमापूंजी और खर्च के पैसों को आरोपी के हवाले करती रही।

​यह खुलासा इस बात की पुष्टि करता है कि आरोपी का मकसद केवल शारीरिक वासना की पूर्ति नहीं था, बल्कि वह सुनियोजित तरीके से छात्रा को आर्थिक रूप से भी निचोड़ना चाहता था। आरोपी को पता था कि नर्सिंग की पढ़ाई कर रही छात्रा अपने करियर को लेकर बेहद संवेदनशील है, और इसी संवेदनशीलता को उसने अपना ‘बिजनेस मॉडल’ बना लिया। छात्रा लंबे समय तक इस दबाव में रही और उसने अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय इस मानसिक प्रताड़ना को झेला। लेकिन जब आरोपी की मांगें और उसका दुर्व्यवहार सीमा से बाहर हो गया, तब छात्रा ने हिम्मत जुटाई और पुलिस के पास जाने का निर्णय लिया।

जबरन शारीरिक संबंध और यौन शोषण का सिलसिला

​प्राथमिकी में दर्ज विवरण के अनुसार, वीडियो वायरल करने की धमकी आरोपी के लिए एक ऐसा लाइसेंस बन गई थी, जिसके जरिए वह छात्रा का बार-बार यौन शोषण करता रहा। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसे एक ऐसी जगह बुलाया जहाँ वह पूरी तरह असहाय थी और वहां उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब भी छात्रा ने विरोध किया, आरोपी ने मोबाइल निकाल लिया और वीडियो सार्वजनिक करने का डर दिखाया।

​छात्रा के अनुसार, आरोपी उसे मानसिक रूप से इस कदर तोड़ चुका था कि उसे अपनी अस्मत और अपनी गरिमा बचाने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान जिस दोस्त को उसने अपना भविष्य माना था, वही अब उसके लिए सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका था। यह सिलसिला कई हफ्तों तक चला, जिसके कारण छात्रा की सेहत और उसकी शैक्षणिक स्थिति पर भी बेहद बुरा असर पड़ा। आरोपी की दरिंदगी का आलम यह था कि वह छात्रा को हर समय अपने नियंत्रण में रखना चाहता था और उसे लगातार डराता-धमकाता रहता था।

आलमगंज पुलिस की सक्रियता और कानूनी कार्रवाई

​पीड़िता ने अपनी शिकायत में उन तमाम परिस्थितियों का जिक्र किया है, जिनके तहत उसे इस नरक को झेलना पड़ा। आलमगंज थाना प्रभारी ने बताया कि युवती के बयान के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है, क्योंकि यह एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान (NMCH) से जुड़ा मामला है। पुलिस की एक विशेष टीम अब उस मोबाइल और डिजिटल डिवाइस की तलाश में है, जिसमें कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो और फोटो रखे गए हैं।

​पुलिस का कहना है कि इस मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। आरोपी छात्र की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या आरोपी ने छात्रा के अलावा किसी और को भी इस तरह के जाल में फंसाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल ब्लैकमेलिंग के ऐसे मामलों में आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए आईटी एक्ट की धाराओं को भी शामिल किया जा सकता है।

शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक दबाव

​पटना सिटी के एनएमसीएच जैसे बड़े कॉलेज में हुई इस घटना ने छात्राओं की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अक्सर देखा जाता है कि हॉस्टल या कॉलेज में रहने वाली छात्राएं इस तरह के ब्लैकमेल का शिकार होने पर चुप्पी साध लेती हैं, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। इस मामले में पीड़िता की हिम्मत की सराहना की जा रही है कि उसने आगे आकर अपनी बात रखी।

​शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि कॉलेजों में ऐसे ‘फ्रेंडली’ रिश्तों के पीछे छिपे आपराधिक मंसूबों को पहचानने के लिए काउंसलिंग की बहुत जरूरत है। नर्सिंग जैसी जिम्मेदारी वाली पढ़ाई कर रहे छात्रों के बीच इस तरह की मानसिकता का होना समाज के लिए एक चेतावनी है। छात्र-छात्राओं को यह समझने की जरूरत है कि डिजिटल दुनिया में उनकी एक छोटी सी चूक या किसी पर किया गया अंधविश्वास उनकी पूरी जिंदगी को तबाह कर सकता है।

जांच की दिशा और पुलिस की अगली चुनौती

​आलमगंज पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना और उस डिजिटल कंटेंट को नष्ट करना है, जिसके जरिए वह छात्रा को डरा रहा था। यदि वह वीडियो किसी और के साथ साझा किया गया है, तो मामले की गंभीरता और अधिक बढ़ जाएगी। पुलिस ने कॉलेज प्रशासन से भी संपर्क किया है और आरोपी छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड व उसके व्यवहार के बारे में जानकारी मांगी है।

​यह घटना पटना के उन तमाम युवाओं के लिए एक कड़ा सबक है, जो प्रेम और मित्रता के नाम पर डिजिटल मर्यादाओं को लांघते हैं। कानून की नजर में यह न केवल यौन शोषण है, बल्कि एक गंभीर साइबर अपराध और फिरौती का मामला भी है। आने वाले दिनों में जब पुलिस आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाएगी, तब शायद पीड़िता को वह न्याय मिल सकेगा जिसकी वह हकदार है। फिलहाल, पीड़िता को आवश्यक सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counseling) उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि वह इस गहरे सदमे से बाहर निकल सके और अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी कर सके।

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