मुजफ्फरपुर अग्निकांड: 4 घंटे बाद मिला लापता मरीज, परिजनों ने ली राहत की सांस

मुजफ्फरपुर: प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड के बाद लापता बताए जा रहे मरीज बृजनंदन राय उर्फ विद्या राय सुरक्षित मिल गए हैं। करीब चार घंटे तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिलने से परिजन परेशान थे और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। मरीज के मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है।

लापता होने की खबर से परेशान थे परिजन

बृजनंदन राय की बहू संगीता देवी ने बताया कि उनके ससुर अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन आग लगने के बाद उनका पता नहीं चल पा रहा था। परिवार के लोग लगातार अस्पताल और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश कर रहे थे।

संगीता देवी ने कहा कि चार घंटे तक खोजबीन के बावजूद जब उनके ससुर नहीं मिले तो परिजनों ने नाराजगी जताते हुए सड़क जाम कर दिया। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और तलाश अभियान तेज किया गया।

प्रशांत हॉस्पिटल में भर्ती हैं बृजनंदन राय

बाद में जानकारी मिली कि बृजनंदन राय को सुरक्षित निकालकर सदर अस्पताल से प्रशांत हॉस्पिटल रेफर किया गया है। उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।

संगीता देवी ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उनके ससुर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार जमीन बेचकर उनका इलाज करा रहा है।

बहू ने सुनाई आग लगने की आपबीती

संगीता देवी ने बताया कि घटना के समय वह अस्पताल के शौचालय में गई थीं। बाहर निकलने पर उन्होंने अस्पताल से धुआं उठता देखा।

उनके अनुसार, जब उन्होंने गार्ड से पूछताछ की तो बताया गया कि आग लगी है। शुरुआत में उन्हें लगा कि मामूली आग होगी, लेकिन कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

आईसीयू में लगी थी भीषण आग

जानकारी के मुताबिक, प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल स्थित आईसीयू में आग लगी थी। हादसे के समय आईसीयू में 13 से 15 मरीज भर्ती थे। इस दर्दनाक अग्निकांड में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीज घायल हुए हैं और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

घटना के बाद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन से पूरी जानकारी ली। उन्होंने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हादसे की जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन को घायलों के इलाज और सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने को कहा गया है।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

अस्पताल में आग लगने के कारणों को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल पीड़ित परिवारों की मदद और घायलों के उपचार पर प्रशासन का फोकस बना हुआ है।

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