मुजफ्फरपुर अग्निकांड पहुंचा मानवाधिकार आयोग, रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग

मुजफ्फरपुर: ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में लगी भीषण आग और पांच मरीजों की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की गई है। याचिका में पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

मानवाधिकार आयोग में दायर हुई याचिका

मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एसके झा ने गुरुवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली और राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना में याचिका दाखिल की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में हुई यह घटना बेहद गंभीर है और इससे मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

अधिवक्ता ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि घटना के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही की निष्पक्ष जांच हो सके।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

एसके झा ने कहा कि यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन या किसी अन्य पक्ष की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं में जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

अस्पताल मालिक और प्रबंधक पर FIR का आदेश

इधर, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के मालिक और प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। वहीं, मुजफ्फरपुर नगर आयुक्त ऋतुराज सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पांच सदस्यीय जांच टीम गठित

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने घटना की जांच के लिए पांच अधिकारियों की विशेष टीम बनाई है। टीम को जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

जांच समिति में अपर समाहर्ता (आपदा), पूर्वी अनुमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, पूर्वी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा जिला अग्निशमन पदाधिकारी को शामिल किया गया है।

तड़के आईसीयू में लगी थी आग

गौरतलब है कि गुरुवार तड़के करीब तीन बजे प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और अस्पताल के कई हिस्सों में धुआं फैल गया। घटना के समय अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

इस दर्दनाक हादसे में पांच मरीजों की मौत हो गई, जबकि अन्य मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर इलाज कराया जा रहा है।

मृतकों की हुई पहचान

अग्निकांड में जान गंवाने वाले मरीजों की पहचान शशांक कुमार, उदय कुमार, कृष्णनंदन सिंह, गीता देवी और चंचला वर्मा के रूप में हुई है। घटना के बाद से मृतकों के परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच, मानवाधिकार आयोग की सुनवाई और एफआईआर की कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में आग लगने के पीछे की वजह क्या निकलकर सामने आती है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।

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