
बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुजफ्फरपुर–बरौनी फोरलेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। करीब 100 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी योजना का डीपीआर तैयार कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।
इस परियोजना पर लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जानकारी के अनुसार, डीपीआर में कई बार संशोधन किया गया है। शुरुआत में सिर्फ फोरलेन सड़क का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में रामदयालु आरओबी को भी इसमें शामिल कर योजना को और व्यापक बनाया गया।
क्या होगा फायदा?
यह सड़क चांदनी चौक से बरौनी तक प्रस्तावित है, जिससे:
- मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, पूर्णिया और पश्चिम बंगाल तक यात्रा आसान होगी
- वर्तमान 300 किमी की दूरी घटकर लगभग 250 किमी रह जाएगी
- समय और ईंधन दोनों की बचत होगी
परियोजना की खास बातें
- ताजपुर कोल्ड स्टोरेज, मुसरीघरारी और दलसिंहसराय चौक पर एलिवेटेड स्ट्रक्चर
- 20 से अधिक पुल और पुलियों का निर्माण
- कई प्रखंडों को सीधा कनेक्शन
आगे की प्रक्रिया
NHAI अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव की जांच मुख्यालय स्तर पर होगी। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें लगभग 2 महीने का समय लग सकता है।
विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस फोरलेन के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसे बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


