
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी और उनकी पत्नी की हत्या की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। रामबाग क्षेत्र में सामने आए इस दोहरे हत्याकांड ने पुलिस के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे पुलिस को आशंका है कि हत्यारे ने घटना की पूरी योजना पहले से तैयार की थी। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, एक नए किरायेदार की भूमिका पर पुलिस का संदेह लगातार गहराता जा रहा है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना से कुछ समय पहले घर के आसपास की गतिविधियों को लेकर किसी बाहरी संदिग्ध की मौजूदगी सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। ऐसे में पुलिस इस संभावना पर भी काम कर रही है कि वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति पहले से ही घर के भीतर मौजूद था या उसे मकान की अंदरूनी व्यवस्था और वहां रहने वाले लोगों की दिनचर्या के बारे में काफी जानकारी थी।
मृतक दंपती की पहचान रिटायर्ड बैंक अधिकारी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर के रूप में हुई है। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए कई टीमों को लगाया है।
दो दिन पहले घर में आया था नया किरायेदार
पुलिस की जांच में सबसे अहम कड़ी उस व्यक्ति को माना जा रहा है, जिसने घटना से करीब दो दिन पहले मकान में किराए पर कमरा लिया था। जानकारी के मुताबिक यह किरायेदार वारदात के बाद से ही गायब है। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह वास्तव में कौन है और उसने मकान में किराए पर कमरा लेने के पीछे क्या उद्देश्य रखा था।
मामले को और रहस्यमयी बनाने वाली बात यह है कि मृतका नीलम कुंवर का शव उसी कमरे से बरामद हुआ, जिसे उस नए किरायेदार ने किराए पर लिया था। इससे पुलिस का शक और मजबूत हो गया है। घर में रहने वाले अन्य किरायेदारों से पूछताछ के दौरान भी यह बात सामने आई कि नया व्यक्ति उनके लिए पूरी तरह अपरिचित था। कई लोगों ने उसे पहले कभी ठीक से नहीं देखा था या उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने जानबूझकर किराएदार के रूप में घर में प्रवेश किया था और फिर मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया।
हत्या से पहले तैयारी करने का शक
जांच में पुलिस को कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे माना जा रहा है कि हत्या अचानक गुस्से में की गई घटना नहीं थी। आशंका है कि वारदात को अंजाम देने से पहले हत्यारे ने जरूरी सामान जुटाया था। पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना से पहले सर्जिकल दस्ताने, टेप और पॉलिथिन जैसी चीजें खरीदी गई थीं।
इन सामानों की खरीद से यह संदेह पैदा हुआ है कि आरोपी ने हत्या से पहले पूरी योजना बनाई थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये सामान किसने खरीदे और इन्हें खरीदने के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल किया गया। आसपास के दुकानों और संभावित मार्गों की भी जांच की जा सकती है।
जांच एजेंसियां यह भी मान रही हैं कि आरोपी को घर की गतिविधियों की अच्छी जानकारी थी। उसे यह पता था कि घर में कौन-कौन लोग रहते हैं, किस समय कौन बाहर जाता है और किस समय घर अपेक्षाकृत शांत रहता है। इसी जानकारी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका है।
नीलम कुंवर की हत्या का तरीका बना जांच का अहम हिस्सा
पुलिस के अनुसार नीलम कुंवर की हत्या बेहद क्रूर तरीके से किए जाने की आशंका है। जांच में सामने आया है कि उनके हाथ-पैर बांधने के बाद चेहरे को पॉलिथिन से ढका गया और टेप का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद पुलिस ने मौके से उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित करने की कोशिश की है। हत्या के तरीके को देखते हुए जांच अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी ने ऐसा तरीका क्यों अपनाया और क्या इसका उद्देश्य पीड़िता को किसी भी तरह की मदद मांगने से रोकना था।
इसके बाद उनके पति अशोक कुंवर को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों हत्याओं के बीच कितना समय अंतर था और क्या घटना के पीछे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी, आर्थिक कारण या अन्य वजह थी।
सीसीटीवी फुटेज ने बढ़ाया रहस्य
इस पूरे मामले में सीसीटीवी कैमरे पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। घर के आसपास लगे कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति के घर में प्रवेश करने की स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है।
यही वजह है कि पुलिस को संदेह है कि आरोपी पहले से ही मकान के भीतर मौजूद हो सकता है। यदि यह आशंका सही साबित होती है तो दो दिन पहले आए किरायेदार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या आरोपी ने सीसीटीवी कैमरों की स्थिति पहले से देख रखी थी और जानबूझकर ऐसे रास्ते का इस्तेमाल किया, जहां उसकी गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड न हो। इसके अलावा घटना के समय आसपास मौजूद लोगों और अन्य किरायेदारों से भी पूछताछ की जा रही है।
दोनों मोबाइल फोन गायब होने से बढ़ी आशंका
वारदात के बाद मृतक दंपती के मोबाइल फोन भी नहीं मिले हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों मोबाइल शाम करीब साढ़े चार बजे के बाद से बंद बताए जा रहे हैं। इस कारण जांच एजेंसियों को आशंका है कि हत्यारा फोन अपने साथ ले गया होगा।
मोबाइल फोन गायब होना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग हो सकता है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिरी बार दोनों फोन की लोकेशन कहां थी और उन्हें बंद किए जाने से पहले उनसे किसी से बातचीत हुई थी या नहीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईयू, एसटीएफ और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया है। तकनीकी जांच के जरिए संदिग्ध मोबाइल नंबरों, टावर लोकेशन और घटना के आसपास सक्रिय फोन नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है। टावर डंप के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि वारदात के समय इलाके में कौन-कौन से मोबाइल नंबर सक्रिय थे।
सिटी एसपी की निगरानी में चल रही जांच
दोहरे हत्याकांड की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच को कई स्तरों पर आगे बढ़ाया है। सिटी एसपी खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध किरायेदार की जानकारी के आधार पर जांच कर रही हैं।
पुलिस की प्राथमिकता फिलहाल उस रहस्यमयी किरायेदार का पता लगाना है, जो घटना के बाद से लापता बताया जा रहा है। उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाने के साथ-साथ उसके पुराने पते, पहचान और संपर्कों की भी जांच की जा सकती है।
शादी की 41वीं सालगिरह के कुछ समय बाद हुई वारदात
अशोक कुंवर और नीलम कुंवर लंबे समय से साथ रह रहे थे। बताया गया है कि दोनों ने इसी वर्ष 16 अप्रैल को अपनी शादी की 41वीं सालगिरह भी मनाई थी। पड़ोसियों के अनुसार दंपती शांत स्वभाव के थे और उनका जीवन सामान्य तरीके से चल रहा था।
अचानक हुई इस हत्या ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। लोगों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि आखिर इतने शांत इलाके में इतनी बड़ी वारदात कैसे हो गई और किसी को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।
इस घटना ने वर्ष 2020 में सामने आए ब्रह्मपुरा हत्याकांड की याद भी ताजा कर दी है, जिसमें एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में घर से जुड़े व्यक्ति की भूमिका सामने आई थी।
फिलहाल रामबाग के इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस कई संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। संदिग्ध किरायेदार की तलाश, सीसीटीवी फुटेज की जांच और मोबाइल लोकेशन के विश्लेषण से मामले की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वारदात वास्तव में पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा मकसद छिपा है। जब तक संदिग्ध किरायेदार का पता नहीं चलता और तकनीकी जांच पूरी नहीं होती, तब तक हत्या की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजह स्पष्ट होना बाकी है।


