पटना में मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी, चार स्कूल भी निशाने पर; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

पटना में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मुख्यमंत्री आवास, मुख्यमंत्री सचिवालय और दानापुर के चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। धमकी एक ईमेल के माध्यम से भेजी गई, जिसमें कथित तौर पर अलग-अलग स्थानों पर विस्फोट किए जाने का समय भी बताया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी मच गई और राजधानी के संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल बढ़ा दी गई।

धमकी भरा ईमेल सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय के आसपास व्यापक जांच अभियान शुरू किया। इसके साथ ही जिन स्कूलों का नाम ईमेल में लिया गया था, वहां भी सुरक्षा बलों और बम निरोधक दस्ते की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया। एहतियात के तौर पर स्कूल परिसरों को खाली कराया गया और विद्यार्थियों को सुरक्षित तरीके से घर भेज दिया गया।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से किसी भी संदिग्ध विस्फोटक या आपत्तिजनक वस्तु की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं करना चाहतीं। पूरे मामले की जांच तकनीकी और सुरक्षा दोनों स्तरों पर की जा रही है।

सुबह सचिवालय को मिला धमकी भरा ईमेल

जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 7:57 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़े एक ईमेल पते पर धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री सचिवालय को दोपहर 3:11 बजे विस्फोट के जरिए निशाना बनाया जाएगा।

धमकी में एक अन्य समय का भी उल्लेख किया गया था। ईमेल के मुताबिक रात 9:11 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास में बम विस्फोट किए जाने की बात कही गई थी। संदेश सामने आते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दी गई।

दोपहर 3:11 बजे दिए गए समय के गुजर जाने के बाद भी किसी विस्फोट की घटना सामने नहीं आई। इस तरह ईमेल में दी गई यह धमकी गलत साबित हुई। हालांकि, रात के समय को लेकर दी गई धमकी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अभी भी पूरी तरह सतर्क हैं और संबंधित स्थानों पर जांच जारी रखी गई है।

मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय में बढ़ाई गई सुरक्षा

धमकी की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री आवास और मुख्यमंत्री सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया। दोनों स्थानों के आसपास पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई और आने-जाने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी गई।

सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों की बारीकी से जांच शुरू की। किसी भी संदिग्ध वस्तु की पहचान के लिए विशेष टीमों को लगाया गया। पुलिस ने आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को तैयार रखा।

मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय जैसे संवेदनशील स्थानों को लेकर पुलिस किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि ईमेल की धमकी की पुष्टि नहीं होने के बावजूद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

दानापुर के चार स्कूलों का भी ईमेल में जिक्र

धमकी भरे संदेश में दानापुर क्षेत्र के चार स्कूलों को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। ईमेल में आर्मी पब्लिक स्कूल, दानापुर कैंट, रेडियंट इंटरनेशनल स्कूल, डीपीएस सीनियर स्कूल, चांदमारी रोड और डीपीएस जूनियर स्कूल, चांदमारी रोड का नाम शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित स्कूलों में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। एहतियात के तौर पर स्कूल परिसरों को खाली कराया गया और वहां मौजूद विद्यार्थियों को सुरक्षित तरीके से घर भेजने की व्यवस्था की गई।

इसके बाद पुलिस और सुरक्षा टीमों ने स्कूलों के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। कक्षाओं, परिसर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की जांच की गई। सुरक्षा बलों ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री तो मौजूद नहीं है।

स्कूलों को लेकर मिली धमकी के बाद अभिभावकों में भी चिंता का माहौल देखा गया। हालांकि, प्रशासन की ओर से सुरक्षा उपाय किए जाने के बाद बच्चों को सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था की गई।

बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने संभाला मोर्चा

धमकी की सूचना के बाद सुरक्षा जांच को और मजबूत करने के लिए बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमों को भी लगाया गया। इन टीमों ने मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास और संबंधित स्कूलों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से परिसर के उन हिस्सों की भी जांच की गई, जहां किसी संदिग्ध वस्तु को छिपाए जाने की आशंका हो सकती थी। पुलिस की ओर से सार्वजनिक रूप से किसी विस्फोटक वस्तु के बरामद होने की पुष्टि नहीं की गई है।

इसके बावजूद तलाशी अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ाया गया, क्योंकि धमकी में संभावित विस्फोट के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की चूक की संभावना न रहे।

विधानसभा के मानसून सत्र के बीच बढ़ी चिंता

पटना में इस समय बिहार विधानसभा का मानसून सत्र भी चल रहा है। विधानसभा सत्र के दौरान राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी रहती है। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य लोगों की आवाजाही के कारण पुलिस और प्रशासन विशेष सतर्कता बरतते हैं।

ऐसे समय में मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय को लेकर मिली बम की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय और जिला प्रशासन की ओर से राजधानी के संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि धमकी के पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना तो नहीं है।

ईमेल भेजने वाले की पहचान में जुटी पुलिस

अब पुलिस और साइबर जांच टीम का मुख्य ध्यान उस व्यक्ति या समूह तक पहुंचने पर है, जिसने धमकी भरा ईमेल भेजा। ईमेल की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। साइबर विशेषज्ञ ईमेल के स्रोत, तकनीकी विवरण और उससे जुड़े डिजिटल संकेतों का विश्लेषण कर रहे हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ईमेल किस स्थान या डिजिटल माध्यम से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं। यदि ईमेल भेजने वाले की पहचान होती है तो उसके मकसद का भी पता लगाया जाएगा।

फिलहाल पुलिस इस बात को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत है या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश छिपी है। धमकी में समय का उल्लेख किए जाने के कारण जांच एजेंसियां मामले को हल्के में नहीं ले रही हैं।

अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं

सुरक्षा जांच के दौरान अब तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय और स्कूलों में तलाशी अभियान को पूरी गंभीरता के साथ जारी रखा गया है।

दोपहर 3:11 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय को निशाना बनाए जाने की धमकी के बाद कोई घटना नहीं हुई, जिससे उस हिस्से की धमकी गलत साबित हुई है। हालांकि, ईमेल में रात 9:11 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास को लेकर दी गई चेतावनी के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

कुल मिलाकर पटना में मुख्यमंत्री आवास, मुख्यमंत्री सचिवालय और दानापुर के चार स्कूलों को मिली बम धमाके की धमकी के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा है। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमें लगातार जांच में जुटी हैं। स्कूलों को एहतियातन खाली कराया जा चुका है और विद्यार्थियों को सुरक्षित घर भेज दिया गया। अब साइबर जांच के जरिए धमकी भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं और जांच पूरी होने तक संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी जारी रहेगी।

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