
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए युवक भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद गुरुवार को इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया। युवक की मौत से नाराज ग्रामीणों ने आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतक की मां ने रोते-बिलखते आरोप लगाया कि उनके बेटे ने सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी। उन्होंने कहा कि उनका बेटा समाज की भलाई के लिए काम करता था और उसे गलत तरीके से निशाना बनाया गया।
मृतक की मां ने कहा, “मेरा बेटा समाज सेवा करता था। कुछ लोगों ने उसे बहका दिया था। उसने सरेंडर कर दिया था, लेकिन उसके बाद भी उसे गोली मार दी गई। आज मेरे बेटे की जान चली गई और हमें न्याय चाहिए।”
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोगों ने बिलौटी गांव के समीप शव रखकर आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि भरत भूषण तिवारी का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और वह सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहता था। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके खिलाफ इतनी कठोर कार्रवाई क्यों की गई।
सड़क जाम के कारण आरा-बक्सर फोरलेन पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बताया जा रहा है कि एक से डेढ़ हजार की संख्या में ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
दरअसल, बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह हथियार के साथ दिखाई दे रहा था। वीडियो की जांच के लिए पुलिस उसके घर पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि युवक ने पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तान दी थी और बाद में संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग भी की।
पुलिस के अनुसार बुधवार सुबह शाहपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम युवक को पकड़ने पहुंची थी। इसी दौरान कथित रूप से उसने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
युवक की मौत की खबर गांव पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों को समझाने-बुझाने में जुटे हैं। फिलहाल पूरे गांव में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और पुलिस कैंप कर रही है।
इस बीच परिजन और ग्रामीण लगातार न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी और तथ्य सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


