बिहार में अब आम लोग भी ठहर सकेंगे सरकारी इंस्पेक्शन बंगलों में, 217 भवन PPP मॉडल पर होंगे विकसित

पटना: बिहार सरकार ने पर्यटन और सरकारी परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जल संसाधन विभाग के अंतर्गत आने वाले राज्यभर के 217 निरीक्षण भवन (इंस्पेक्शन बंगले) अब आम लोगों और पर्यटकों के लिए खोले जाएंगे। सरकार इन्हें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने की तैयारी में है।

अब सिर्फ अफसरों तक सीमित नहीं रहेंगे बंगले

अब तक इन निरीक्षण भवनों का उपयोग मुख्य रूप से मंत्री, अधिकारी और प्रशासनिक कर्मी करते थे। लेकिन नई योजना के तहत आम नागरिक भी निर्धारित शुल्क देकर इन बंगलों में ठहर सकेंगे।

सरकार का मानना है कि लंबे समय से सीमित उपयोग में रहने वाली सरकारी संपत्तियों को जनोपयोगी बनाकर राजस्व बढ़ाया जा सकता है।

30 साल की लीज पर दिए जाएंगे भवन

जल संसाधन विभाग ने योजना के पहले चरण में सभी 217 निरीक्षण भवनों को 30 वर्षों के लिए PPP मॉडल पर लीज पर देने का प्रस्ताव तैयार किया है।

निजी एजेंसियां इन भवनों का—

  • संचालन करेंगी,
  • रखरखाव करेंगी,
  • आधुनिक सुविधाएं विकसित करेंगी,
  • और पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाएंगी।

नदियों और बांधों के किनारे हैं अधिकांश बंगले

इनमें से अधिकांश निरीक्षण भवन नदियों, बराजों, बांधों और जलाशयों के आसपास स्थित हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इन स्थानों को विकसित कर पर्यटन केंद्र के रूप में तैयार करने की योजना है।

सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

58 भवनों का होगा पुनर्निर्माण

विभागीय आंकड़ों के अनुसार 217 निरीक्षण भवनों में से 58 भवन फिलहाल उपयोग योग्य नहीं हैं। इन्हें नए सिरे से विकसित किया जाएगा और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

हर साल 15 करोड़ खर्च करती है सरकार

जल संसाधन विभाग के अनुसार इन निरीक्षण भवनों के रखरखाव पर हर वर्ष करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। PPP मॉडल लागू होने के बाद यह बोझ कम होगा और सरकार को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

पर्यटन और राजस्व दोनों को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि यह पहल सरकारी संपत्तियों के बेहतर उपयोग का एक नया मॉडल साबित होगी। इससे—

  • पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा,
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी,
  • रोजगार के अवसर बढ़ेंगे,
  • और सरकार को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।

यदि योजना सफल रही तो बिहार के कई खूबसूरत नदी किनारे स्थित सरकारी बंगले आने वाले समय में पर्यटकों के पसंदीदा डेस्टिनेशन बन सकते हैं।

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