
बक्सर: बिहार के बक्सर जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। इटाढ़ी थाना क्षेत्र के सरसती गांव में भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में नहाने गए चार दोस्तों में से तीन की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नदी में नहाने गए थे चार दोस्त
मृतकों की पहचान सरसती गांव निवासी 13 वर्षीय समर कुमार शर्मा, 15 वर्षीय कृष्णा राम और 14 वर्षीय धर्मवीर कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि चारों दोस्त घरवालों को बिना बताए ठोरा नदी में स्नान करने चले गए थे।
नदी किनारे पहुंचने के बाद समर, कृष्णा और धर्मवीर हाथ पकड़कर पानी में उतर गए, जबकि उनका चौथा दोस्त कल्याण शर्मा किनारे खड़ा होकर मोबाइल से उनका वीडियो बना रहा था।
कुछ ही सेकेंड में बदल गया सबकुछ
प्रत्यक्षदर्शी कल्याण के अनुसार, तीनों दोस्त नहा रहे थे तभी अचानक वे नदी के गहरे हिस्से में पहुंच गए और डूबने लगे। शुरुआत में किसी को खतरे का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही क्षणों में तीनों पानी में समाने लगे।
“मैं किनारे पर खड़ा होकर वीडियो बना रहा था। अचानक तीनों डूबने लगे। मुझे तैरना नहीं आता था, इसलिए मैं मदद नहीं कर सका और गांव की ओर दौड़कर लोगों को बुलाया।” — कल्याण शर्मा, प्रत्यक्षदर्शी
ग्रामीणों ने निकाले शव
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद तीनों किशोरों को नदी से बाहर निकाला गया और तत्काल बक्सर सदर अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
एक साथ तीन घरों में पसरा मातम
हादसे के बाद सरसती गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
- समर कुमार शर्मा दो भाइयों में बड़ा था और छठी कक्षा में पढ़ता था।
- कृष्णा राम पांच भाइयों में सबसे छोटा था और नौवीं का छात्र था।
- धर्मवीर कुमार के पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
एक साथ तीन किशोरों की मौत से गांव में मातम का माहौल है।
पुलिस ने क्या कहा?
इटाढ़ी थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि तीनों किशोर नदी में स्नान करने गए थे, जहां डूबने से उनकी मौत हो गई।
“तीनों शवों को बरामद कर लिया गया है। डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।” — सोनू कुमार, थानाध्यक्ष, इटाढ़ी
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक पल की मस्ती तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई।


