पत्नी के 4 साल से रुके वेतन की लड़ाई लड़ते-लड़ते चली गई जान! DEO कार्यालय में गिरे पति की मौत, सिस्टम पर उठे बड़े सवाल

मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। पत्नी का चार वर्षों से रुका वेतन दिलाने के लिए लगातार जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के चक्कर लगा रहे 45 वर्षीय अरविंद कुमार की कार्यालय परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के समय उनके साथ उनकी 17 वर्षीय बेटी अनुष्का और 15 वर्षीय बेटा अमित भी मौजूद थे।

चार साल से बंद था शिक्षिका पत्नी का वेतन

मृतक अरविंद कुमार की पत्नी रश्मी स्वराज गायघाट के उजयन लोहियार स्कूल में शिक्षिका हैं। परिवार का आरोप है कि उनका वेतन पिछले चार वर्षों से बंद था। वेतन बहाल कराने और EVN नंबर जारी करवाने के लिए अरविंद लगातार शिक्षा विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे।

परिवार का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी और घर चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा था।

DEO कार्यालय में अचानक बिगड़ी तबीयत

शनिवार को अरविंद कुमार एक बार फिर अपनी पत्नी के वेतन और EVN नंबर के मामले में DEO कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

बेटी बोली— ‘पापा उम्मीद लेकर गए थे’

मृतक की बेटी अनुष्का ने बताया कि उनके पिता पिछले चार साल से हर बार उम्मीद लेकर कार्यालय जाते थे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता था।

उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया था।

पत्नी का दर्द— ‘अब हमारा क्या होगा?’

पत्नी रश्मी स्वराज ने कहा कि वेतन बंद होने के कारण पूरा परिवार संकट में था और उनके पति लगातार विभाग के चक्कर लगा रहे थे।

उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह सिर्फ उनका वेतन शुरू करवाने गए थे, लेकिन वापस जिंदा नहीं लौटे।

DEO बोले— दो दिन में होगा भुगतान

जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि शिक्षिका का वेतन लंबे समय से लंबित था और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दो दिनों के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने परिवार को नियमानुसार सहायता दिलाने का भी आश्वासन दिया।

उठ रहे बड़े सवाल

इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

  • यदि भुगतान दो दिनों में संभव था, तो चार वर्षों तक मामला लंबित क्यों रहा?
  • एक शिक्षक परिवार को अपने अधिकार के लिए वर्षों तक भटकना क्यों पड़ा?
  • क्या प्रशासनिक लापरवाही ने एक परिवार का सहारा छीन लिया?

पुलिस जांच शुरू

पुलिस ने मामले में यूडी केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। वहीं स्थानीय शिक्षक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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