पटना में बड़ा एक्शन: 5 होटल और एक कॉम्प्लेक्स को 15 दिन में खाली करने का आदेश

पटना: राजधानी पटना में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। संयुक्त कार्रवाई के तहत शहर के पांच होटलों और एक बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को 15 दिनों के भीतर खाली करने का आदेश दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित भवनों को सील कर दिया जाएगा और प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने इस संबंध में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। अग्निशमन विभाग की जांच में सामने आया कि संबंधित प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी के अनिवार्य मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरणों का अभाव पाया गया, जबकि कुछ भवनों में आपातकालीन निकासी के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं हैं।

कार्रवाई की जद में आए प्रतिष्ठानों में जमाल रोड स्थित होटल कुणाल इंटरनेशनल, होटल बॉक्स, होटल मुद्रिका, एग्जीबिशन रोड स्थित होटल विवेक तथा सलीमपुर अहरा स्थित होटल अप्सरा शामिल हैं। इसके अलावा बोरिंग रोड चौराहा स्थित मां भगवती कॉम्प्लेक्स को भी खाली करने का आदेश जारी किया गया है।

अग्निशमन विभाग के अनुसार मां भगवती कॉम्प्लेक्स में फायर सेफ्टी सिस्टम पर्याप्त नहीं पाया गया। साथ ही भवन का निकासी मार्ग अत्यंत संकरा है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी स्थिति में आग लगने जैसी घटना होने पर भारी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि संबंधित प्रतिष्ठानों को पहले भी कई बार नोटिस जारी कर सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके प्रबंधन की ओर से अपेक्षित सुधार नहीं किए गए, जिसके बाद विभाग को कठोर कार्रवाई करनी पड़ी।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ होटल बिना वैध अग्निशमन लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के संचालित किए जा रहे थे। नियमों के अनुसार होटल, मॉल, व्यावसायिक भवन और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों के संचालन से पहले अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर आवश्यक सुधार नहीं किए गए और भवन खाली नहीं किए गए तो उन्हें सील कर दिया जाएगा। साथ ही भवन मालिकों और प्रबंधन के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई भी की जाएगी।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में होटल, अस्पताल और व्यावसायिक भवनों में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। इसी को देखते हुए बिहार सरकार और अग्निशमन विभाग फायर सेफ्टी नियमों के सख्त अनुपालन पर जोर दे रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में फायर सेफ्टी मानकों को लागू करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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